उत्तर प्रदेश

PWD ठेकेदारों का दर्द, खनिज रॉयल्टी जल्द जारी करने की अपील

Saba Naaz
28 July 2026 7:26 PM IST
PWD ठेकेदारों का दर्द, खनिज रॉयल्टी जल्द जारी करने की अपील
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े ठेकेदारों ने उप खनिजों की रॉयल्टी के लंबित भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति का कहना है कि पिछले चार वर्षों से रॉयल्टी भुगतान का मामला लंबित होने के कारण प्रदेशभर के ठेकेदार आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। समिति ने मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों को निर्देश देकर जल्द समाधान कराने की अपील की है, ताकि निर्माण कार्यों की गति प्रभावित न हो।

ठेकेदार कल्याण समिति के अध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि लोक निर्माण विभाग में सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले उप खनिजों जैसे गिट्टी, स्टोन डस्ट और रेत आदि पर देय रॉयल्टी भुगतान का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। समिति के अनुसार वर्ष 2022 से ही इस मुद्दे को लेकर लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन लोक निर्माण विभाग, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग और शासन स्तर पर स्पष्ट निर्णय नहीं हो पाया है।

समिति का कहना है कि रॉयल्टी भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों के बिलों का निपटारा प्रभावित हो रहा है। कई ठेकेदारों को निर्माण सामग्री की लागत, मजदूरी और अन्य खर्चों का भुगतान अपनी जेब से करना पड़ रहा है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि उप खनिजों की रॉयल्टी को लेकर विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। ठेकेदारों ने कहा कि वे सरकार की विकास योजनाओं को पूरा करने में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

ठेकेदार कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि लोक निर्माण विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, जिससे लंबित रॉयल्टी भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। समिति का कहना है कि भुगतान संबंधी समस्या का समाधान होने से ठेकेदारों को राहत मिलेगी और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

प्रदेश में सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में उप खनिजों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। निर्माण कार्यों के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर रॉयल्टी सरकार को दी जाती है। ठेकेदारों का कहना है कि वे नियमानुसार सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं, लेकिन भुगतान प्रक्रिया में देरी के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

समिति ने मुख्यमंत्री से इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने की अपील की है। ठेकेदारों का कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो विकास परियोजनाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान निकलेगा और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।

अब सभी की नजरें शासन के अगले कदम पर हैं कि रॉयल्टी भुगतान को लेकर विभागों के बीच समन्वय कैसे स्थापित किया जाता है और ठेकेदारों की लंबित मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है।

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