औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को एक दर्दनाक हादसे में पांच वर्षीय मासूम बच्चे की जान चली गई। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के हजारीपुर गांव में पिता के साथ खेत जा रहा बच्चा अचानक ट्रैक्टर के मडगार्ड से नीचे गिर गया और पहिए के नीचे आ गया। हादसा इतना भयावह था कि बच्चे को संभालने का मौका तक नहीं मिल सका। गंभीर रूप से घायल मासूम को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान किसान ध्रुव सिंह के पांच वर्षीय पुत्र आर्यन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर चालक ने रास्ते में अचानक ब्रेक लगा दिया था, जिसके झटके से मडगार्ड पर बैठा बच्चा संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया। सबसे दुखद बात यह रही कि हादसे के समय बच्चे के पिता भी उसी ट्रैक्टर पर मौजूद थे। अपनी आंखों के सामने बेटे को खोने के बाद पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हजारीपुर गांव निवासी किसान ध्रुव सिंह अपने खेत में खाद डालने के काम के लिए जा रहे थे। उनके खेत में ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से घूरे की खाद डालने का काम चल रहा था। इसी सिलसिले में गांव के शिवराज सिंह का ट्रैक्टर खेत की ओर जा रहा था।

ट्रैक्टर पर ध्रुव सिंह के साथ उनका पांच वर्षीय बेटा आर्यन भी सवार था। आर्यन ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठा हुआ था, जबकि उसके पिता दूसरी ओर बैठे थे।

बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर खेत की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान रास्ते में चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। ब्रेक लगने से ट्रैक्टर को झटका लगा और मडगार्ड पर बैठा आर्यन अपना संतुलन खो बैठा।

देखते ही देखते मासूम ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। इससे पहले कि पिता या चालक कुछ समझ पाते और वाहन को पूरी तरह रोक पाते, ट्रैक्टर का पहिया आर्यन के ऊपर चढ़ गया।

हादसा कुछ ही क्षणों में हो गया। ट्रैक्टर से नीचे गिरने के बाद आर्यन को संभालने का मौका नहीं मिल सका। पहिए की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

अपने बेटे को ट्रैक्टर के नीचे आते देखकर पिता ध्रुव सिंह बदहवास हो गए। बच्चे की हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए। उसे बचाने के लिए तत्काल अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।

गंभीर रूप से घायल आर्यन को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल लेकर पहुंचे। परिजनों को उम्मीद थी कि समय पर उपचार मिलने से बच्चे की जान बचाई जा सकेगी।

लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद आर्यन को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की ओर से मौत की पुष्टि होते ही परिवार के सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

बेटे की मौत की खबर सुनते ही पिता ध्रुव सिंह और मां खुशबू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ देर पहले उनके साथ मौजूद बच्चा अब इस दुनिया में नहीं रहा।

आर्यन की तीन वर्षीय छोटी बहन नित्या भी परिवार में मचे कोहराम को देखकर परेशान हो गई। मासूम बच्ची अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को रोता देखकर बदहवास नजर आई।

अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस घर में बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां शुक्रवार को मातम पसर गया।

घटना की जानकारी मिलते ही हजारीपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आसपास रहने वाले ग्रामीण भी परिवार के दुख में शामिल हुए।

ग्रामीणों के बीच इस हादसे को लेकर चर्चा बनी हुई है। सामान्य रूप से खेत की ओर जा रहे ट्रैक्टर पर बैठे मासूम की इस तरह मौत हो जाने से लोग स्तब्ध हैं।

इस घटना ने एक बार फिर कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों पर बच्चों को बैठाने से जुड़े खतरों को उजागर किया है।

ट्रैक्टर मुख्य रूप से कृषि कार्यों के लिए बनाया गया वाहन है। इसका मडगार्ड यात्रियों के बैठने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं होता।

विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए मडगार्ड पर बैठना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। अचानक ब्रेक लगने, वाहन के मुड़ने या ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर झटका लगने से संतुलन बिगड़ने की आशंका रहती है।

ऐसी स्थिति में ट्रैक्टर से नीचे गिरने वाला व्यक्ति पहियों की चपेट में आ सकता है। हजारीपुर गांव में हुआ हादसा इसी खतरे का दुखद उदाहरण बन गया।

जानकारों के अनुसार, ट्रैक्टर के पहियों के आसपास बैठना या खड़े रहना बच्चों के लिए खतरनाक होता है। खेतों में कामकाज के दौरान अक्सर ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल खाद, मिट्टी, अनाज और अन्य सामान लाने-ले जाने के लिए किया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार बच्चे परिवार के सदस्यों के साथ ट्रैक्टर पर बैठकर खेतों तक जाते हैं। लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने पर यह गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि ट्रैक्टर के मडगार्ड, बोनट या अन्य असुरक्षित हिस्सों पर बच्चों को नहीं बैठाना चाहिए। ट्रैक्टर चालक को भी वाहन चलाते समय आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

खेतों की ओर जाने वाले रास्ते कई बार संकरे और ऊबड़-खाबड़ होते हैं। ऐसे रास्तों पर अचानक झटका लगने से वाहन पर असुरक्षित स्थान पर बैठे व्यक्ति का संतुलन बिगड़ सकता है।

अजीतमल क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता की आवश्यकता सामने आई है।

इस संबंध में अजीतमल कोतवाली के निरीक्षक अपराध रामचंद्र वर्मा ने बताया कि ट्रैक्टर से दबकर बच्चे की मौत हुई है। पुलिस को घटना की जानकारी मिल गई है।

हालांकि हादसे के बाद किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने या अन्य कानूनी कार्रवाई का विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।

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फिलहाल पुलिस से संबंधित आगे की कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है। हादसे की परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध विवरण में अचानक ब्रेक लगने और बच्चे का संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है।

परिवार के लिए यह दुर्घटना ऐसा दुख लेकर आई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। पिता ध्रुव सिंह के सामने ही उनका पांच वर्षीय बेटा आर्यन ट्रैक्टर के पहिए की चपेट में आ गया।

मां खुशबू का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि छोटी बहन नित्या अपने भाई से हमेशा के लिए बिछड़ गई है।

इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि कृषि वाहनों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर थोड़ी-सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो सकती है।

हजारीपुर गांव में शुक्रवार को हुई आर्यन की मौत ने एक बार फिर ग्रामीण परिवारों से अपील की है कि छोटे बच्चों को ट्रैक्टर के असुरक्षित हिस्सों पर बैठाकर यात्रा न कराएं। वाहन के संचालन के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

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