लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में पांच सीटों पर जीत से उत्साहित समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में धूमधाम मचाने वाले लोग धड़ाम से गिर गए। भाजपा सिर्फ पांच सीटों पर ही नहीं हारी है, बल्कि 50 जिलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जनता के बीच यह संदेश गया है कि सपा को समर्थन मिला है, जबकि भाजपा ने छल और साजिश के सहारे छह सीटें जीती हैं।
सपा मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों के स्वागत के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव में बेईमानी और अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष और ईमानदारी से होते तो भाजपा की जीत ऐसी नहीं होती। सपा प्रमुख ने सभी विजयी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस चुनाव के नतीजों ने साबित कर दिया है कि व्यापारी और आधी आबादी सपा के साथ हैं।
वाराणसी में भाजपा की हार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि काशी में डबल इंजन की डबल हार हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "काशी भले ही डूब जाए, लेकिन गोरखधंधा बंद नहीं होना चाहिए।" उन्होंने दावा किया कि महिला शिक्षकों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। चुनाव में हुई कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने अमरोहा में 94 प्रतिशत मतदान पर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि अब कई अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 2027 में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के ऐलान पर भी अखिलेश ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा अब यूसीसी लागू करने लायक ही नहीं बचेगी। वर्ष 2027 का चुनाव भाईचारे का चुनाव होने जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता सांप्रदायिक राजनीति के पक्ष में नहीं है और भाजपा को सत्ता से हटाएगी।
अखिलेश यादव ने प्रदेश में भाजपा के 10 वर्षों के शासनकाल का हिसाब मांगते हुए शिक्षा, रोजगार और आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के 27 हजार स्कूल बंद किए गए, जबकि शराब के 27 हजार ठेके खुलवाए गए। उनके मुताबिक, प्रदेश में 30 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और भाजपा शासन में आरक्षण के अधिकारों का भी हनन हुआ है।
इससे पहले सपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यालय में नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों कांती सिंह, मान सिंह, आशुतोष सिन्हा, आकाश अग्रवाल और लाल बिहारी यादव का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने चुनावी नतीजों को भाजपा के खिलाफ शिक्षकों और स्नातकों का जनादेश बताते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए जनता ने सपा का साथ दिया है। उन्होंने संजय त्रिपाठी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें हराते-हराते भाजपा का काम तमाम कर दिया गया।
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