1984 मर्डर केस में 40 साल बाद बड़ा मोड़, इलाहाबाद HC ने बरी करने का फैसला पलटा

Update: 2026-05-05 06:12 GMT

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: चार दशक पुराने एक हत्या मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 1984 के मर्डर केस में पहले दिए गए बरी करने के फैसले को पलटते हुए दो लोगों को दोषी ठहराया है। इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद एक नए चरण में पहुंच गया है।

जानकारी के अनुसार, जस्टिस रजनीश कुमार और जस्टिस बबीता रानी की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए यह निर्णय दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों की भूमिका घटना में सिद्ध होती है।

कोर्ट ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 के तहत गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट या निचली अदालत के स्तर पर उन्हें बरी कर दिया गया था, जिसे राज्य सरकार ने चुनौती दी थी।

यह मामला 1984 के एक हत्या प्रकरण से जुड़ा हुआ है, जिसकी सुनवाई और अपील की प्रक्रिया वर्षों से चल रही थी। इस दौरान कई बार मामले में कानूनी मोड़ आए और विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग फैसले भी दिए गए।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि बचे हुए दो आरोपियों को तुरंत हिरासत में लिया जाए। साथ ही, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सजा की अवधि पर अंतिम निर्णय के लिए सुनवाई 11 मई को की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित पक्षों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इस फैसले के बाद मामले में शामिल पक्षों के बीच कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर तेज हो गई है। लंबे समय बाद आए इस निर्णय को न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला कई दशकों से लंबित था।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इतने पुराने मामलों में साक्ष्यों और गवाहों की स्थिति जटिल हो जाती है, लेकिन अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अपना निर्णय दिया है।

फिलहाल, दोनों दोषी ठहराए गए व्यक्तियों की सजा को लेकर अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। 11 मई को होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि उन्हें कितनी अवधि की सजा दी जाएगी।

यह फैसला एक बार फिर यह दर्शाता है कि भारतीय न्याय व्यवस्था में भले ही समय लगे, लेकिन लंबित मामलों में अंतिम निर्णय तक पहुंचने की प्रक्रिया जारी रहती है।

Tags:    

Similar News