सहसपुरी। क्षेत्र में लगातार बनी तेंदुए की दहशत के बीच वन विभाग को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। सहसपुरी गांव में लगाए गए ट्रैप केज में एक तेंदुआ फंस गया। तेंदुए के पिंजरे में फंसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया। सहसपुरी गांव में ट्रैप केज के जरिए पकड़ा गया यह दूसरा तेंदुआ है।

वन विभाग के अनुसार, तीन अगस्त से तेंदुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान शुक्रवार को पकड़ा गया तेंदुआ 12वां है। लगातार तेंदुओं के पकड़े जाने से उन गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, जहां पिछले कुछ समय से तेंदुए की मौजूदगी के कारण भय का माहौल बना हुआ था।

पिंजरे में फंसा तेंदुआ

शुक्रवार को सहसपुरी गांव में लगाए गए ट्रैप केज में तेंदुआ फंसने की जानकारी सामने आई। पिंजरे के आसपास तेंदुए को देखकर स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

वनकर्मियों ने सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करते हुए तेंदुए को पिंजरे में सुरक्षित रखा। इसके बाद उसे विभागीय प्रक्रिया के तहत कब्जे में ले लिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत महसूस की।

वन विभाग की टीम ने इस दौरान लोगों को तेंदुए के नजदीक जाने से रोकने के लिए भी सावधानी बरती। जंगली जानवर के अचानक पिंजरे से बाहर निकलने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था।

सहसपुरी में दूसरा तेंदुआ पकड़ा गया

सहसपुरी गांव में तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने यहां ट्रैप केज लगाया था। इससे पहले भी इसी गांव में पिंजरे के माध्यम से एक तेंदुआ पकड़ा जा चुका है। शुक्रवार को दूसरा तेंदुआ पकड़े जाने के बाद इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की चिंता कुछ कम हुई है।

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से तेंदुए की आवाजाही ने उनकी दिनचर्या प्रभावित कर रखी थी। शाम होते ही लोगों को खेतों और सुनसान इलाकों की ओर जाने में डर लगने लगा था। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी परिवार चिंतित रहते थे।

तीन अगस्त से चल रहा अभियान

तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने तीन अगस्त से विशेष अभियान शुरू किया था। अभियान का उद्देश्य तेंदुए की गतिविधियों से प्रभावित इलाकों में पिंजरे लगाकर उन्हें सुरक्षित पकड़ना है।

वन विभाग की टीमें लगातार ऐसे स्थानों की निगरानी कर रही हैं, जहां तेंदुओं की मौजूदगी की सूचना मिल रही है। इसके आधार पर अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप केज लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को पकड़ा गया तेंदुआ इस अभियान के दौरान पकड़ा गया 12वां तेंदुआ है।

लगातार सफलता मिलने से वन विभाग के अभियान को लेकर ग्रामीणों में भी भरोसा बढ़ा है। हालांकि, अधिकारियों के सामने चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। जंगल और ग्रामीण इलाकों के बीच तेंदुओं की आवाजाही को देखते हुए निगरानी जारी रखना जरूरी है।

12 तेंदुओं के पकड़े जाने से राहत

तीन अगस्त से शुरू हुए अभियान में अब तक 12 तेंदुओं के पकड़े जाने को वन विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। तेंदुओं की लगातार मौजूदगी से प्रभावित गांवों में डर का माहौल था। कई ग्रामीणों को अपने खेतों में जाने और रात के समय घर से बाहर निकलने में भी सावधानी बरतनी पड़ रही थी।

अब तक पकड़े गए तेंदुओं की संख्या बढ़ने के साथ ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रभावित क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही कम होगी। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक केवल तेंदुओं को पकड़ना ही स्थायी समाधान नहीं है। उनके प्राकृतिक आवास और भोजन की उपलब्धता से जुड़े कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

शुक्रवार को सहसपुरी में तेंदुआ पकड़े जाने की खबर फैलते ही ग्रामीणों ने राहत महसूस की। गांव के लोगों का कहना है कि तेंदुए के डर के कारण लंबे समय से उनके बीच चिंता बनी हुई थी। खासकर रात के समय गांव के आसपास जंगली जानवरों की गतिविधियों को लेकर लोग सतर्क रहते थे।

तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की। लोगों को उम्मीद है कि विभाग आगे भी प्रभावित इलाकों में निगरानी जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर ट्रैप केज लगाए जाएंगे।

निगरानी अभी भी जरूरी

एक तेंदुआ पकड़े जाने के बावजूद वन विभाग के लिए निगरानी जारी रखना जरूरी है। जिस इलाके में एक से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी सामने आई हो, वहां अन्य तेंदुओं की गतिविधियों की भी संभावना बनी रहती है। ऐसे में विभाग की टीमें क्षेत्र में नजर बनाए रख सकती हैं।

ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि वे रात के समय अकेले सुनसान क्षेत्रों में जाने से बचें और तेंदुआ दिखाई देने पर खुद उसे पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देना सुरक्षित तरीका है।

फिलहाल सहसपुरी गांव में ट्रैप केज से दूसरे और तीन अगस्त से चल रहे अभियान में 12वें तेंदुए के पकड़े जाने से वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। लगातार तेंदुओं के पकड़े जाने से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इलाके में तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग का अभियान आगे भी महत्वपूर्ण बना रहेगा।

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