त्रिपुरा: त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज़ ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) के तहत विलेज कमिटी चुनाव नज़दीक हैं। ऐसे में 4 सितंबर को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा के बीच हुई बैठक ने राज्य में BJP और टिपरा मोथा के बीच संभावित समझौते की अटकलों को तेज़ कर दिया है।
साहा ने कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में शाह से मुलाक़ात की और आपसी महत्व के मुद्दों के साथ-साथ त्रिपुरा के लोगों के विकास और कल्याण पर "फ़ायदेमंद और रचनात्मक चर्चा" की।
बैठक में प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा और BJP के नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेटर संबित पात्रा भी मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक शाह के आवास पर हुई और इसमें मुख्य रूप से आदिवासी आबादी से जुड़े मुद्दों, त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने और आगामी विलेज कमिटी चुनावों पर चर्चा हुई।
सूत्रों का दावा है कि शाह ने टिपरा मोथा नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि त्रिपक्षीय समझौता जल्द ही लागू किया जाएगा।
सूत्रों ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि संविधान की छठी अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार ज़मीन के अधिकार दिए जाएंगे।
यह बैठक राजनीतिक रूप से अहम समय पर हुई है, क्योंकि TTAADC में विलेज कमिटी चुनाव आदिवासी इलाकों में BJP, टिपरा मोथा और अन्य पार्टियों के बीच राजनीतिक समीकरण तय कर सकते हैं।
हालांकि इस बैठक ने BJP और टिपरा मोथा के बीच संभावित चुनावी समझौते की अटकलों को हवा दी है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है।
मार्च 2024 में केंद्र, त्रिपुरा सरकार और प्रद्योत के नेतृत्व वाले इंडिजिनस प्रोग्रेसिव रीजनल अलायंस (TIPRA) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का मकसद राज्य की आदिवासी आबादी के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों का समाधान करना है।
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