VC चुनाव में NDA की एकजुटता पर सवाल शांतिर बाजार की संयुक्त रैली रद्द
BJP-टिपरा मोथा की रैली रद्द सियासी चर्चा तेज
अगरतला: त्रिपुरा में TTAADC के विलेज कमेटी (VC) चुनाव के प्रचार के आखिरी दौर में शांतिर बाजार में प्रस्तावित भाजपा और टिपरा मोथा की संयुक्त रैली रद्द होने से दोनों सहयोगी दलों के बीच चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों पार्टियां NDA के तहत चुनाव लड़ रही हैं और इससे पहले संयुक्त प्रचार तथा स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाने की बात कह चुकी हैं।
विलेज कमेटी चुनाव के लिए मतदान 28 सितंबर को होना है। चुनाव 587 विलेज कमेटियों की कुल 4,597 सीटों के लिए कराया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान भाजपा और टिपरा मोथा ने सीट बंटवारे पर सहमति बनाते हुए अतिरिक्त उम्मीदवारों को वापस लेने और आपसी मुकाबले को कम करने की कोशिश की थी।
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर दोनों दलों के बीच तालमेल को लेकर कुछ चुनौतियां सामने आती रही हैं। टिपरा मोथा विधायक रंजीत देबबर्मा ने हाल ही में उन सीटों की समीक्षा के लिए NDA की बैठक बुलाने की बात कही थी, जहां सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के बीच 'फ्रेंडली फाइट' की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया था।
भाजपा नेता और राज्य के मंत्री रतन लाल नाथ ने भी इससे पहले कहा था कि गठबंधन सहयोगियों के बीच स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संयुक्त प्रचार किया जाएगा। उनके मुताबिक हर स्थान पर संयुक्त प्रचार जरूरी नहीं है और गठबंधन ने घर-घर संपर्क, छोटी बैठकों और स्थानीय कार्यक्रमों पर भी जोर दिया है। इस वजह से शांतिर बाजार की रैली रद्द होने को अपने आप गठबंधन टूटने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
VC चुनाव भाजपा और टिपरा मोथा दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी सीटों के बंटवारे और अतिरिक्त उम्मीदवारों को लेकर सवाल सामने आए थे। दोनों दलों ने बाद में अतिरिक्त प्रत्याशियों को वापस लेने पर सहमति जताई थी।
इस चुनाव में टिपरा मोथा ने बड़ी संख्या में उम्मीदवार उतारे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक 1,179 सीटों पर भाजपा और टिपरा मोथा के प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए, जिनमें टिपरा मोथा के 1,148 और भाजपा के 31 उम्मीदवार शामिल हैं।
अब प्रचार समाप्त होने के साथ सभी की निगाह मतदान पर है। शांतिर बाजार की संयुक्त रैली रद्द होने के कारणों की स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने आने तक इसे NDA के भीतर किसी बड़े राजनीतिक मतभेद का निश्चित संकेत मानना जल्दबाजी होगी। हालांकि चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर सामने आई 'फ्रेंडली फाइट' और समन्वय से जुड़े मुद्दों ने भाजपा-टिपरा मोथा के जमीनी तालमेल को चर्चा में जरूर ला दिया है।