त्रिपुरा: 5 अक्टूबर को त्रिपुरा बीजेपी अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय ने दावा किया कि CPI(M) और कांग्रेस, त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज़ ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) के तहत होने वाले विलेज कमिटी चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाएंगी। उन्होंने BJP-IPFT के नेतृत्व वाले NDA की निर्णायक जीत की भविष्यवाणी की।
राज्य भर में कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को 587 विलेज कमिटियों के लिए वोटों की गिनती शुरू हुई।
गिनती की प्रक्रिया के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए देबरॉय ने कहा कि आदिवासी इलाकों के वोटरों ने कई सालों तक वामपंथी सरकारों के दौर में - खासकर CPI(M) के कार्यकाल और उसके आदिवासी विंग 'गणमुक्ति परिषद' के प्रभाव के समय - "शोषण, दमन और कुशासन" का सामना किया है।
देबरॉय ने कहा, "मैंने पहले ही कहा था कि पहाड़ी इलाकों में हमारे विरोधियों - मार्क्सवादी पार्टी और कांग्रेस - का कोई वजूद नहीं रहेगा।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ी इलाकों के लोगों ने पिछली वामपंथी सरकार के दौरान उग्रवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना किया था और दावा किया कि वे CPI(M) को अपना समर्थन नहीं देंगे।
देबरॉय ने चुनाव को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि CPI(M) शायद एक भी विलेज कमिटी सीट न जीत पाए।
उन्होंने कहा, "यह मेरी राय और मेरे राजनीतिक अनुभव पर आधारित मेरा आकलन है।" साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि BJP-IPFT के नेतृत्व वाला NDA पूरे त्रिपुरा में बड़ी संख्या में सीटें जीतेगा।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने विलेज कमिटी चुनावों को 2028 के त्रिपुरा विधानसभा चुनावों से पहले एक अहम संकेत भी बताया। उन्होंने दावा किया कि BJP के नेतृत्व वाला NDA "भारी बहुमत" के साथ सत्ता में लौटेगा।
देबरॉय ने वोटरों से NDA और उसके विकास के एजेंडे का समर्थन करने की अपील भी की।
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