हरिश राव का मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर हमला — “किसानों की अनदेखी, मंडियों में खरीद केंद्र तक नहीं खुले”
Siddipet सिद्दीपेट। तेलंगाना के पूर्व मंत्री और बीआरएस नेता टी. हरिश राव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की सुस्ती और लापरवाही के कारण कपास, मक्का और धान खरीद में भारी देरी हो रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में मक्का किसानों से बातचीत के दौरान हरिश राव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी विपक्ष की आलोचना में व्यस्त हैं, जबकि किसानों की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद केंद्रों के नहीं खुलने से किसान मजबूरी में अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी कम दामों पर बेच रहे हैं।
हरिश राव ने बताया कि कपास किसान अपनी उपज 5,900 रुपये प्रति क्विंटल में बेचने को मजबूर हैं, जबकि सरकार द्वारा तय MSP 8,100 रुपये है। इस तरह किसानों को प्रति क्विंटल 2,000 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों और व्यापारियों के हाथों किसान ठगे जा रहे हैं क्योंकि सरकार ने अब तक खरीद केंद्र शुरू नहीं किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब छह लाख एकड़ में मक्का की खेती की गई है, लेकिन सरकार ने अभी तक एक भी सरकारी खरीद केंद्र शुरू नहीं किया। परिणामस्वरूप करीब 40 प्रतिशत किसान अपनी उपज MSP से कम दाम पर बेच चुके हैं, जिससे उन्हें प्रति एकड़ लगभग 10,000 रुपये का नुकसान हुआ है।
बीआरएस शासन की तुलना करते हुए हरिश राव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) के कार्यकाल में हर फसल के लिए समय पर खरीद केंद्र खोले जाते थे और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार कृषि बिजली आपूर्ति तक संभाल नहीं पा रही है। हरिश राव के शब्दों में, “बीआरएस सरकार किसानों को 24 घंटे बिजली देती थी, लेकिन कांग्रेस सरकार अब सिर्फ 11 घंटे की आपूर्ति कर रही है।”
उन्होंने सरकार से तत्काल कपास और मक्का खरीद केंद्र खोलने की मांग की और किसानों से अपील की कि वे बिचौलियों को अपनी उपज न बेचें। दौरे के दौरान हरिश राव ने खेतों के पास महिला किसानों से भी बातचीत की और उनके साथ भोजन किया। इसके बाद उन्होंने पेड्डा लिंगारेड्डीपल्ली गांव में आग से घर गंवाने वाले बीआरएस कार्यकर्ता गड्डम राजी रेड्डी के परिवार से मुलाकात की। पूर्व मंत्री ने पीड़ित परिवार को 20,000 रुपये की नकद सहायता दी और आगे भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है और यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो राज्यभर में कृषि संकट और गहरा जाएगा।