हैदराबाद/मुंबई। तेलंगाना में सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और अंतरराज्यीय समन्वय मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी रविवार शाम मुंबई के लिए रवाना हुए। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के साथ प्रस्तावित तुम्मीदिहट्टी बैराज के निर्माण और उससे जुड़ी मंजूरियों पर चर्चा करेंगे। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह बैठक सोमवार सुबह 11 बजे मुंबई स्थित सह्याद्री स्टेट गेस्ट हाउस में निर्धारित है।इस बैठक में तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। चर्चा का मुख्य विषय गोदावरी नदी की सहायक प्राणहिता नदी पर तुम्मीदिहट्टी बैराज का प्रस्तावित निर्माण और परियोजना के लिए आवश्यक अंतरराज्यीय मंजूरियां होंगी।

प्राणहिता नदी पर बैराज निर्माण पर होगा विचार

तुम्मीदिहट्टी बैराज तेलंगाना की सिंचाई योजनाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रस्तावित परियोजना है। इसके निर्माण को लेकर तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच समन्वय आवश्यक है, क्योंकि प्राणहिता नदी दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्र से संबंधित हैप्रस्तावित बैराज के निर्माण से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर बैठक में चर्चा होने की संभावना है। दोनों राज्यों के बीच बातचीत का उद्देश्य परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सहमति और मंजूरियों से संबंधित विषयों पर विचार करना है।

अंतरराज्यीय नदी परियोजनाओं में जल बंटवारे, निर्माण स्थल, तकनीकी डिजाइन और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे कई पहलुओं पर समन्वय की आवश्यकता होती है। हालांकि, इस बैठक के लिए जारी जानकारी में इन सभी विषयों के एजेंडे का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

मुंबई में सोमवार सुबह 11 बजे होगी बैठक

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी रविवार शाम हैदराबाद से मुंबई के लिए रवाना हुए। वह सोमवार सुबह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात करेंगे।बैठक में तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों की भागीदारी से परियोजना से संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा करने में मदद मिलेगी।तेलंगाना सरकार की ओर से इस बैठक को प्रस्तावित बैराज के निर्माण और उससे जुड़ी अंतरराज्यीय मंजूरियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैठक में किसी अंतिम समझौते या मंजूरी पर मुहर लगेगी या नहीं, इसकी पुष्टि पहले से उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

सिंचाई परियोजनाओं के लिए अंतरराज्यीय समन्वय जरूरी

नदियों पर बैराज और अन्य जल परियोजनाओं का निर्माण कई बार एक से अधिक राज्यों के हितों से जुड़ा होता है। ऐसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित राज्यों के बीच सहमति और आवश्यक सरकारी मंजूरियां महत्वपूर्ण होती हैं।तुम्मीदिहट्टी बैराज के मामले में भी तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच बातचीत इसी जरूरत के तहत हो रही है। प्राणहिता नदी गोदावरी नदी प्रणाली का हिस्सा है, इसलिए इस पर प्रस्तावित निर्माण के लिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारी परियोजना की मौजूदा स्थिति तथा आगे की प्रक्रिया पर चर्चा कर सकते हैं। इससे परियोजना से संबंधित लंबित मुद्दों को समझने और उनके समाधान की दिशा तय करने में सहायता मिल सकती है।

बैठक के नतीजों पर रहेगी नजर

तेलंगाना सरकार के लिए सिंचाई परियोजनाओं का विकास कृषि और जल प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में तुम्मीदिहट्टी बैराज को लेकर महाराष्ट्र के साथ होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी।सोमवार को होने वाली बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों राज्य प्रस्तावित परियोजना और आवश्यक मंजूरियों को लेकर किस दिशा में आगे बढ़ते हैं। फिलहाल, बैठक का घोषित उद्देश्य बैराज निर्माण और अंतरराज्यीय मंजूरियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।

Tags: