नई दिल्ली। लिकटेंस्टीन रियासत के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस 25 से 28 अक्टूबर तक चार दिवसीय भारत यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने उनकी यात्रा का आधिकारिक कार्यक्रम जारी किया है। इस दौरान प्रिंस एलॉइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित भारत सरकार के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। यात्रा में द्विपक्षीय संबंधों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रिंस एलॉइस के साथ उनकी पत्नी हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी भी भारत आएंगी। दोनों का रविवार देर शाम मुंबई पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद वे वडोदरा और नई दिल्ली जाएंगे, जहां कई आधिकारिक और राजनयिक कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।
रविवार देर शाम मुंबई पहुंचेंगे प्रिंस एलॉइस
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, प्रिंस एलॉइस और प्रिंसेस सोफी रविवार, 25 अक्टूबर को देर शाम मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।मुंबई से उनकी भारत यात्रा की शुरुआत होगी। इसके अगले दिन यानी सोमवार सुबह उनका वडोदरा के लिए रवाना होने का कार्यक्रम है।वडोदरा में निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगा। विदेश मंत्रालय ने यात्रा के विभिन्न चरणों की जानकारी देते हुए बताया है कि दिल्ली में उनका मुख्य राजनयिक कार्यक्रम आयोजित होगा।
सोमवार को दिल्ली पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल
प्रिंस एलॉइस और उनके साथ आने वाला प्रतिनिधिमंडल सोमवार दोपहर नई दिल्ली के एयर फोर्स स्टेशन पालम पहुंचेगा।दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रा का महत्वपूर्ण राजनयिक चरण शुरू होगा। यहां भारतीय नेतृत्व के साथ औपचारिक मुलाकातों और उच्चस्तरीय बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।इस यात्रा को भारत और लिकटेंस्टीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों को आपसी सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रपति भवन में होगा औपचारिक स्वागत
मंगलवार, 27 अक्टूबर को प्रिंस एलॉइस के आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह से होगी।इस कार्यक्रम के बाद प्रिंस एलॉइस राजघाट जाएंगे। वहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।राष्ट्रपति भवन में स्वागत और राजघाट की यात्रा के बाद दिनभर कई उच्चस्तरीय राजनयिक बैठकें निर्धारित हैं। इन बैठकों में भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल होंगे।
हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता
प्रिंस एलॉइस की भारत यात्रा का एक प्रमुख कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित होगी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत और लिकटेंस्टीन के संबंधों तथा आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी।हालांकि, मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कार्यक्रम में वार्ता के विस्तृत एजेंडे या संभावित समझौतों की जानकारी नहीं दी गई है।प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली यह बैठक यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण राजनयिक कार्यक्रमों में शामिल है।
जयशंकर और निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात
प्रिंस एलॉइस अपनी भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे।इसके अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी के साथ भी उनकी बैठक निर्धारित की गई है।विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन मंत्रियों की प्रिंस एलॉइस के साथ मुलाकात नई दिल्ली के होटल ताज महल में होगी।इन बैठकों से दोनों देशों को विदेश नीति, वित्तीय मामलों और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इन विषयों पर किसी विशेष समझौते की घोषणा का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से होगी मुलाकात
मंगलवार के आधिकारिक कार्यक्रमों का समापन राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ प्रिंस एलॉइस की मुलाकात से होगा।यह बैठक दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। राष्ट्रपति से मुलाकात के साथ ही दिल्ली में निर्धारित प्रमुख उच्चस्तरीय कार्यक्रम पूरे होंगे।प्रिंस एलॉइस की चार दिवसीय भारत यात्रा 28 अक्टूबर तक निर्धारित है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस दौरे में मुंबई, वडोदरा और नई दिल्ली शामिल हैं।भारत और लिकटेंस्टीन के बीच संवाद को आगे बढ़ाने के लिए यह यात्रा एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठकों के जरिए दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी।
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