हैदराबाद: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना सरकार जल्द ही 'एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी 2.0' पेश करेगी। इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में भारी निवेश आकर्षित करना और हैदराबाद को रक्षा अनुसंधान के लिए सबसे बेहतरीन जगह के रूप में बढ़ावा देना है।
शनिवार रात 'रक्षा एक्सपो' के कर्टेन रेज़र (शुरुआती) कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए, मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के उस विज़न को रेखांकित किया, जिसके तहत 'रक्षा एक्सपो' को एक अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मकसद रक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को एक साथ लाकर सार्थक बातचीत को बढ़ावा देना है।
'रक्षा एक्सपो' का आयोजन 7 से 9 दिसंबर तक हैदराबाद के 'भारत फ्यूचर सिटी' में 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट' के हिस्से के रूप में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने यह भी कहा कि 'रक्षा एक्सपो' एक प्रमुख मंच के रूप में काम करेगा, जो वैश्विक ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को एक साथ लाएगा। सरकार को उम्मीद है कि उद्योग जगत के प्रतिनिधि, वरिष्ठ रक्षा और सुरक्षा अधिकारी, विशेषज्ञ और स्टार्टअप्स यहाँ नए विचार और अत्याधुनिक तकनीकें लेकर आएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल आयोजित इस समिट का पहला संस्करण बेहद सफल रहा था।
उन्होंने कहा कि भारत में हैदराबाद एक रणनीतिक और महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बताया कि हैदराबाद एक बेहद सुरक्षित शहर है और यहाँ कई महत्वपूर्ण अनुसंधान संस्थान स्थित हैं। इसके अलावा, भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के कई अहम रणनीतिक केंद्र भी यहाँ मौजूद हैं।
हालांकि तेलंगाना दक्षिण भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी कोई तटीय सीमा नहीं है, फिर भी यह भारतीय नौसेना को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है। तेलंगाना के विकाराबाद जिले के दमागंडम रिज़र्व फॉरेस्ट में एक 'वेरी लो फ्रीक्वेंसी' (VLF) नौसैनिक रडार स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा क्षेत्र को प्रतिभाशाली युवाओं की जरूरत है। IIT, IIIT, NIT, ISB और BITS जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, "हमने कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए 'यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी' की स्थापना की है और ITI को 'एडवांस्ड ट्रेनिंग सेंटर्स' (ATCs) में अपग्रेड किया है। इसके अलावा, यहाँ कई सफल इनक्यूबेटर भी काम कर रहे हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भारत को रक्षा क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को रक्षा-संबंधी तकनीक के आयातक से बदलकर एक निर्यातक बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहले से ही काफी प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि और भी बड़ी सफलताएं पाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का और अधिक योगदान देना जरूरी है। तेलंगाना को भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ अंतरिक्ष, एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन तकनीक जैसे संबंधित क्षेत्रों में भी सहयोग किया जाएगा।
निवेशकों से तेलंगाना में अपने नियोजित निवेश को दोगुना करने की अपील करते हुए, मुख्यमंत्री रेड्डी ने दोहराया कि सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी।