Tamil Nadu तमिलनाडु : करूर जिले में हुई भगदड़ की घटना ने न सिर्फ राज्य को झकझोर दिया है बल्कि अब यह मुद्दा राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। इस घटना पर बुधवार को टीवीके (तमिऴगा वेतत्रु कळगम) प्रमुख और अभिनेता विजय ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर तीखा हमला बोला। विजय ने कहा कि करूर की घटना में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनका दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “हमने अपने परिवार के लोगों को खोने का गहरा दुख और पीड़ा झेली है। इस शोक के समय हमने चुप्पी साधने का निर्णय लिया था, लेकिन सरकार ने हमें शांति से शोक मनाने तक का अवसर नहीं दिया। सत्ता पक्ष ने इस दुखद समय में भी बदनीयत राजनीति करने का काम किया।”
विजय ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु विधानसभा में उनके खिलाफ लगातार उकसाने वाले बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में जिस तरह की कठोर और शत्रुतापूर्ण भाषा का इस्तेमाल किया, वह किसी संवेदनशील नेता को शोभा नहीं देता। टीवीके प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर दावा करते हैं कि वे राजनीति नहीं करते, लेकिन उनके भाषणों में विपक्ष के प्रति गहरी शत्रुता झलकती है। विजय ने कहा, “अब समय आ गया है कि हम उन उकसावों का जवाब दें। जनता सब कुछ देख रही है और उसका भरोसा अब इस सरकार से उठ चुका है।”
विजय ने तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1969 से और खासकर 1972 के बाद से सत्तारूढ़ पार्टी जवाबदेही से बचने की आदी हो गई है। जनता अब परिवर्तन चाहती है और सरकार पर से उसका विश्वास खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि जनता अब सबक सिखाने को तैयार है। अगर वे नहीं समझे तो 2026 के चुनाव में जनता उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और विजय के इस बयान को राजनीतिक चुनौती की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। करूर हादसे से उपजा यह विवाद अब सत्ता और विपक्ष के बीच सीधे टकराव का रूप लेता जा रहा है।