गृह मंत्री अमित शाह से मिले विजय तमिलनाडु के हितों को लेकर उठाए दो अहम मुद्दे
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने **थलपति विजय** ने केंद्रीय गृह मंत्री **अमित शाह** के सामने राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया। दक्षिणी राज्यों की बैठक में शामिल हुए विजय ने तमिलनाडु के हितों को लेकर अपनी बात रखी और केंद्र सरकार के सामने दो बड़ी मांगें रखीं।
अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दक्षिण भारत के कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में परिसीमन, कावेरी जल विवाद, NEET परीक्षा, नशे के खिलाफ कार्रवाई और राज्यों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
विजय ने उठाया NEET का मुद्दा
थलपति विजय ने बैठक में सबसे अहम मुद्दा **NEET परीक्षा से तमिलनाडु को स्थायी छूट** देने का उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु को NEET से अलग रखा जाना चाहिए।
विजय का तर्क रहा कि NEET परीक्षा के कारण ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले पर सकारात्मक कदम उठाने की मांग की।
कावेरी जल विवाद पर रखी तमिलनाडु की बात
बैठक में विजय ने लंबे समय से चले आ रहे **कावेरी नदी जल विवाद** का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को उसके हिस्से का पानी मिलना चाहिए और राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर स्थायी समाधान जरूरी है।
कावेरी जल विवाद तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कई दशकों से राजनीतिक और भावनात्मक मुद्दा रहा है। इस मामले में समय-समय पर दोनों राज्यों के बीच तनाव भी देखने को मिलता रहा है।
परिसीमन को लेकर भी जताई चिंता
थलपति विजय ने दक्षिणी राज्यों के लिए परिसीमन के मुद्दे को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
दक्षिणी राज्यों की यह चिंता रही है कि भविष्य में परिसीमन के कारण संसद में उनकी सीटों का अनुपात प्रभावित हो सकता है।
अमित शाह के सामने राजनीतिक दमखम
थलपति विजय की इस बैठक को उनकी बढ़ती राजनीतिक भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय ने अपनी पार्टी **तमिलगा वेत्री कझगम (TVK)** के जरिए तमिलनाडु की राजनीति में नई जगह बनाने की कोशिश शुरू की है।
अमित शाह के सामने राज्य के मुद्दों को उठाकर विजय ने संकेत दिया कि वह केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं।
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बैठक में विजय ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल के साथ ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई।
उनका कहना था कि नशे की समस्या समाज और युवाओं के भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।
दक्षिणी राज्यों की बैठक क्यों थी अहम?
दक्षिणी जोनल काउंसिल की बैठक का उद्देश्य राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाना और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करना था। इसमें विकास, सुरक्षा, संसाधनों के बंटवारे और केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े विषयों पर विचार किया गया।
अमित शाह ने बैठक में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग पर जोर दिया।
विजय की बढ़ती राजनीतिक पकड़
थलपति विजय लंबे समय तक तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल रहे हैं। राजनीति में आने के बाद वह अब जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उनकी पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को अपने एजेंडे में प्रमुखता दी है।
क्या विजय बनेंगे बड़ा राजनीतिक चेहरा?
तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा से बड़े नेताओं का दबदबा रहा है। एमजीआर और जयललिता जैसे फिल्मी सितारों ने राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की थी।
अब थलपति विजय भी उसी राह पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। अमित शाह के सामने राज्य के मुद्दों को मजबूती से रखना उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।