चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने चेन्नई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (RPO) को निर्देश दिया है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों में से एक, ए. जी. पेरारिवलन के पासपोर्ट आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई करें।
जस्टिस पी. टी. आशा ने पेरारिवलन द्वारा दायर एक याचिका पर यह निर्देश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट से रिहा हो चुके पेरारिवलन ने अधिकारियों से पासपोर्ट जारी करने का अनुरोध किया था, क्योंकि उनका आवेदन 2024 से लंबित पड़ा था।
जज ने कहा कि केवल पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट का इंतजार करने के आधार पर RPO का आवेदन पर कार्रवाई करने से बचना गलत है, खासकर तब जब सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को रिहा कर दिया है।
जवाहर राजन मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, जज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि किसी आपराधिक मामले के लंबित होने का मतलब यह नहीं है कि पासपोर्ट जारी ही नहीं किया जा सकता।