चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने 'जैन हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड' को चेन्नई के सालिग्रामम में 21 मंजिला 'जैन वेस्टमिंस्टर' अपार्टमेंट का निर्माण 30 महीनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। यह वही जगह है जहाँ पहले बने आवासीय अपार्टमेंट को स्ट्रक्चरल कमियों और नुकसान के कारण गिरा दिया गया था।
जस्टिस एस.एम. सुब्रमण्यम और आर. राजेश विवेकानंदन की खंडपीठ ने हाल ही में यह आदेश दिया। यह आदेश फ्लैट मालिकों और फ्लैट ओनर्स एसोसिएशन द्वारा 2022 में दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए दिया गया।
पीठ ने कई निर्देश जारी किए हैं, जिनमें 'ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन' (GCC) के कमिश्नर को भी निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश की कॉपी मिलने के दो सप्ताह के भीतर 'लोकल बॉडी एक्ट' के तहत बिल्डिंग परमिट जारी करें।
अदालत ने कहा, "ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन से बिल्डिंग परमिट मिलने के बाद, बिल्डर को निर्माण कार्य शुरू करना होगा और GCC द्वारा परमिट दिए जाने की तारीख से 30 महीनों के भीतर 21 मंजिला आवासीय परिसर का निर्माण पूरा करना होगा।"
पीठ ने GCC और 'चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी' (CMDA) को समय-समय पर निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण कार्य पूरी तरह से तय मानकों और सक्षम अधिकारियों द्वारा मंजूर किए गए बिल्डिंग प्लान के अनुसार हो रहा है।