Chennai में पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ वाम दलों का विरोध प्रदर्शन
Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई के थांगा सलाई में बुधवार को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ वामपंथी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव पी. शनमुगम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बैनर लेकर बढ़ती कीमतों का विरोध जताया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने कहा कि आम जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है, जबकि आवश्यक ईंधन की कीमतों में कोई राहत नहीं दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए उन्हें बदलने की मांग की।
इसके बाद पी. शनमुगम और एम. वीरपांडियन ने संयुक्त रूप से मीडिया से बातचीत की और केंद्र सरकार की ईंधन नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों की पूरी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है। उनके अनुसार, दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल की खरीद और वितरण की व्यवस्था सरकार के नियंत्रण में होती है, लेकिन भारत में यह व्यवस्था अलग तरीके से संचालित होती है, जहां केंद्र सरकार कच्चा तेल खरीदकर उसे निजी क्षेत्र को वितरित करती है।
नेताओं ने यह भी मांग की कि इस व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए और यदि संभव हो तो इसे बंद कर केंद्र सरकार को सीधे कच्चे तेल की आपूर्ति और वितरण पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकारें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करती हैं, तब केंद्र को सब्सिडी देकर राहत देनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि व्यावसायिक उपयोग के लिए पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में पहले ही बढ़ोतरी हो चुकी है और भविष्य में घरेलू उपयोग वाले गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी वृद्धि की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया और तत्काल राहत देने की मांग की।
इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार नारे लगाए और ईंधन कीमतों में स्थिरता लाने की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन नेताओं ने आगे भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए।