'वंदे मातरम्' विधेयक पर आईयूएमएल की आपत्ति, के.ए.एम. मुहम्मद अबूबकर बोले, यह नया मुद्दा नहीं
Chennai चेन्नई। राज्यसभा में वंदे मातरम् से संबंधित विधेयक पारित होने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के तमिलनाडु राज्य महासचिव के.ए.एम. मुहम्मद अबूबकर ने कहा कि भारतीय मुसलमानों का वंदे मातरम् के कुछ अंशों को लेकर रुख कोई नया नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता से पहले से चला आ रहा है।
चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान अबूबकर ने कहा कि भारतीय मुसलमान वंदे मातरम् के पूरे गीत का समर्थन नहीं करते, क्योंकि उनका मानना है कि इसके कुछ हिस्से अन्य समुदायों की धार्मिक आस्था से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय केवल अल्लाह में विश्वास रखता है और इसी धार्मिक मान्यता के आधार पर उनका दृष्टिकोण बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह विषय लंबे समय से चर्चा का हिस्सा रहा है और इसे किसी नए विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अबूबकर ने कहा कि विभिन्न धार्मिक समुदायों की आस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए तथा ऐसे मुद्दों पर सभी पक्षों के विचारों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
आईयूएमएल नेता ने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग रहते हैं। ऐसे में सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेदों को संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। राज्यसभा में विधेयक पारित होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वंदे मातरम् को लेकर बहस एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं।