Chennai चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में INDIA गठबंधन (INDIA Alliance) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अगुवाई में सभी सहयोगी दलों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का उद्देश्य चुनाव आयोग (EC) और केंद्र सरकार द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित प्रक्रिया के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाना था। बैठक के बाद कांग्रेस नेता के.वी. थंगका बालू (K.V. Thangka Balu) ने कहा कि INDIA गठबंधन की यह बैठक तमिलनाडु के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बुलाई गई थी। उन्होंने कहा, “आज डीएमके प्रमुख और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में INDIA गठबंधन की बैठक हुई। इस दौरान हमने विस्तार से चर्चा की कि कैसे केंद्र और चुनाव आयोग लोगों की इच्छा के खिलाफ काम कर रहे हैं। हम तमिलनाडु के लोगों को इस खतरे के बारे में जागरूक करेंगे और इसके खिलाफ एक जन आंदोलन खड़ा करेंगे।
थंगका बालू ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार मतदाता सूची में हेरफेर कर “सच्चे और वैध मतदाताओं को बाहर करने” की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्यों में लाखों मतदाताओं को SIR (Systematic Information Revision) के नाम पर सूची से हटा दिया गया था, और अब यही प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि तमिलनाडु के किसी भी सच्चे मतदाता का नाम हटाया जाए। यह लोकतंत्र के खिलाफ है और INDIA गठबंधन इसे जनता के सामने लाकर आवाज उठाएगा। बैठक में कांग्रेस, डीएमके, सीपीएम, सीपीआई, वीसीके, एमडीएमके, आईयूएमएल, और कांग्रेस (एस) जैसे कई सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह तय हुआ कि गठबंधन आने वाले दिनों में राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाएगा, जिसमें मतदाता अधिकारों की रक्षा और “चुनावी हेरफेर के खिलाफ आवाज” को मजबूत करने की बात कही गई।
INDIA गठबंधन नेताओं ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को “नागरिकता सत्यापन” के नाम पर वोटर सूची संशोधन की प्रक्रिया शुरू नहीं करनी चाहिए। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है। थंगका बालू ने कहा कि INDIA गठबंधन “संविधान और कानून की मर्यादा” में रहकर इस कदम का विरोध करेगा। उन्होंने कहा, “हम कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से इस प्रयास के खिलाफ लड़ेंगे। यह केवल राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की रक्षा का प्रश्न है। बैठक में यह भी तय हुआ कि आने वाले दिनों में INDIA गठबंधन तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसका उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि यदि मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया, तो इसका असर सीधा उनके मतदान अधिकार पर पड़ेगा।
गौरतलब है कि हाल ही में चुनाव आयोग ने बिहार में SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया था, जिसके बाद विपक्षी दलों ने 60 लाख से अधिक मतदाताओं को “अनुचित रूप से हटाए जाने” का आरोप लगाया था। अब यह प्रक्रिया तमिलनाडु सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जा रही है, जिससे विपक्षी दलों में चिंता बढ़ गई है। थंगका बालू ने कहा कि INDIA गठबंधन इस पूरे मुद्दे को “केंद्र बनाम जनता” के रूप में देखता है। उन्होंने कहा, “हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और किसी भी कीमत पर जनता की आवाज को दबाने नहीं देंगे। बैठक के दौरान सभी दलों ने एकजुट होकर कहा कि वे आने वाले चुनावों में मतदाता सूची में किसी भी तरह की हेरफेर को स्वीकार नहीं करेंगे और यदि जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।