गंगटोक में तिब्बती युवाओं की शांतिपूर्ण रैली: चीन के कड़े कानून का विरोध
Sikkim सिक्किम: तिब्बती यूथ कांग्रेस (TYC) द्वारा शुरू किए गए ग्लोबल चेन प्रोटेस्ट (दुनिया भर में एक साथ विरोध प्रदर्शन) के तहत, गंगटोक में रीजनल तिब्बती यूथ कांग्रेस (RTYC) के सदस्यों ने सिक्किम की राजधानी में एक शांतिपूर्ण रैली निकाली। इसका मकसद तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताना और चीन के तथाकथित 'एथनिक यूनिटी लॉ' (जातीय एकता कानून) का विरोध करना था।
इस प्रदर्शन में शहीद लोबगा रंगज़ेन को भी श्रद्धांजलि दी गई। आयोजकों के अनुसार, उन्होंने तिब्बत के हालात की ओर दुनिया का ध्यान खींचने के लिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। RTYC के सदस्यों और स्थानीय समर्थकों ने उनके बलिदान को सम्मान देने और आज़ादी व न्याय की मांग को दोहराने के लिए एकजुट होकर यह कार्यक्रम किया।
रैली के दौरान, प्रतिभागियों ने इस कानून की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे चीनी शासन के तहत समुदायों का विलय तेज़ी से हो सकता है और उनकी अलग राष्ट्रीय पहचान, भाषाओं, धर्मों और सांस्कृतिक विरासत को खतरा पैदा हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से तिब्बत में मानवाधिकार संकट से निपटने और राजनीतिक दमन के लिए जवाबदेही तय करने की अपील की। उन्होंने राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की और तिब्बतियों के अधिकारों और आज़ादी के लिए अपनी आवाज़ बुलंद की।
गंगटोक में हुआ यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन तिब्बती समूहों द्वारा आयोजित व्यापक विरोध प्रदर्शनों का ही एक हिस्सा था। इसमें शामिल लोगों ने ज़ोर देकर कहा कि न्याय और आज़ादी के लिए चल रहा यह आंदोलन दुनिया भर में एकजुट है।