थापा ने गिनाईं जल जीवन मिशन की कमियां पार्टी उठाएगी मुद्दा
पानी की योजना में कमियों का आरोप
गंगटोक: जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाते हुए सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) के प्रवक्ता कृष्ण खरेल थापा ने योजना में कई कथित कमियों की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर उचित मंच और सही माध्यमों के जरिए संबंधित अधिकारियों के सामने उठाएगी।
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को घरों तक नल के जरिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। थापा ने कहा कि योजना का उद्देश्य महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है।
जमीनी स्थिति और दावों पर उठाए सवाल
थापा ने जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि सरकारी आंकड़ों में योजनाओं की प्रगति दिखाई जा सकती है, लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल कनेक्शन के बाद लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी मिल रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि केवल घर तक पाइप या नल पहुंचाना योजना की सफलता का अंतिम पैमाना नहीं हो सकता। पानी की उपलब्धता, उसकी गुणवत्ता और सप्लाई की निरंतरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की मांग
थापा ने कथित तौर पर योजना के तहत किए गए निर्माण कार्यों और इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।
पाइपलाइन, जल स्रोत, भंडारण टैंक और दूसरी आधारभूत संरचनाओं को इस तरह विकसित किया जाना चाहिए कि वे लंबे समय तक ग्रामीणों की जरूरतों को पूरा कर सकें। किसी भी तरह की तकनीकी कमी सामने आने पर उसका समय रहते समाधान जरूरी है।
पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी
SDF नेता ने कहा कि जल जीवन मिशन में खर्च होने वाला पैसा सार्वजनिक धन है और इसलिए परियोजनाओं से जुड़े खर्च तथा कार्यों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से योजनाओं की निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण को गंभीरता से लेने की मांग की।
थापा के मुताबिक यदि किसी परियोजना में अनियमितता या निर्धारित मानकों से अलग काम होने की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
'सही माध्यम से उठाएंगे मामला'
थापा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को उचित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी जरूरी होगा, संबंधित विभागों और सक्षम अधिकारियों के सामने तथ्य रखे जाएंगे।
पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल आरोप लगाना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि लोगों के लिए बनाई गई योजना का लाभ वास्तव में लाभार्थियों तक पहुंचे। यदि कहीं खामियां हैं तो उन्हें दूर किया जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है मिशन
पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती होती है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भरता और दूरदराज बस्तियों तक पाइपलाइन पहुंचाने में आने वाली तकनीकी दिक्कतों के कारण जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना जरूरी है।
जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय जल स्रोतों की स्थिरता और संरक्षण पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना पर्याप्त साबित नहीं होगा।
राजनीतिक मुद्दा बना जल जीवन मिशन
थापा के बयान के बाद जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों के बीच अब संबंधित विभाग और सरकार की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।
थापा ने दोहराया कि पार्टी योजना से संबंधित कथित कमियों और अनियमितताओं को तथ्यों के साथ उचित मंच पर उठाएगी। उनका कहना है कि सार्वजनिक योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य पूरा हो सके।