Rajasthan: त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग अगले पांच दिन तक रहेगा बंद, वन विभाग का फैसला
Rajasthan राजस्थान: रणथंभौर टाइगर रिजर्व के त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बुधवार को बाघ के हमले में सात वर्षीय बच्चे की दुखद मौत के बाद वन विभाग ने श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर मार्ग को अगले पांच दिन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले इस मार्ग पर आमतौर पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन हादसे के बाद वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। वन विभाग के अनुसार बच्चे पर मादा बाघ टी-84 की बेटी शावक कनकती ने हमला किया था। घटना के बाद भी उस क्षेत्र में बाघ की आवाजाही जारी है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को अमराई वन क्षेत्र के पास मंदिर से लौट रहे एक परिवार पर बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें सात वर्षीय कार्तिक की मौके पर ही मौत हो गई। वह अपनी दादी और चाचा के साथ मंदिर से लौट रहा था। इस घटना से सवाई माधोपुर में शोक की लहर दौड़ गई। वन्यजीव विशेषज्ञों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब बाघ के मूवमेंट की सूचना पहले से थी, तो श्रद्धालुओं को उस मार्ग से क्यों जाने दिया गया? संभावित क्षेत्रों में वनकर्मियों की तैनाती क्यों नहीं की गई? गौरतलब है कि इस समय इस क्षेत्र में कुल करीब 14 बाघ सक्रिय हैं, जिनमें तीन मादा बाघिन, उनके नौ शावक और दो नर बाघ शामिल हैं।
इनमें से कई शावक अब शिकार करने में माहिर होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या श्रद्धालुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने भी वन विभाग की लापरवाही को स्वीकार करते हुए कहा कि बाघों की आवाजाही को लेकर विभाग गंभीर नहीं है। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि पिछले 38 सालों में रणथंभौर में बाघ के हमले में करीब 20 लोगों की जान जा चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग बाघ क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे। पैदल आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए, निजी वाहनों का प्रवेश बंद किया जाए और सरकार को शटल सेवा शुरू करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रह सकें। बाघ के इस हमले के बाद आरटीआर ने बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को प्रस्ताव भेजा है।