Bharatpur भरतपुर: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर राजस्थान के राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” विजन के लिए रोडमैप करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से विकास उन्मुख है और इसके माध्यम से रोजगार सृजन, किसानों, युवाओं और श्रमिकों के लिए कई लाभकारी पहलें होंगी। अरुण चतुर्वेदी ने कहा, “यह बजट किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। कृषि विकास, सिंचाई और फसल बीमा योजनाओं में बढ़ोतरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई योजनाओं का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि से जुड़े लाखों परिवारों की आय में वृद्धि होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि बजट में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टार्टअप्स, कौशल विकास और डिजिटल पहलें युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें रोजगार के पारंपरिक विकल्पों के साथ-साथ आधुनिक क्षेत्रों में अवसर प्रदान करेंगी। “प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनाओं और डिजिटल इंडिया की पहल को ध्यान में रखते हुए युवाओं को सशक्त बनाने के लिए यह बजट रणनीतिक रूप से तैयार किया गया है,” चतुर्वेदी ने बताया।
बजट में श्रमिक वर्ग को भी प्राथमिकता दी गई है। चतुर्वेदी ने कहा, “श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क, न्यूनतम मजदूरी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर ध्यान देकर बजट ने श्रमिकों की जीवनशैली सुधारने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह विशेष रूप से अनौपचारिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए राहत का स्रोत होगा।”
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी बजट की महत्वाकांक्षी पहलें उजागर कीं। चतुर्वेदी ने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्वास्थ्य देखभाल सुधारों को ध्यान में रखते हुए इस बजट में डिजिटल शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया गया है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लाभ मिलेगा।”
राजस्थान के वित्त आयोग के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे विकास को लेकर है। उन्होंने उल्लेख किया कि रेल नेटवर्क, सड़क निर्माण और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में निवेश से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
अरुण चतुर्वेदी ने कहा, “कुल मिलाकर यह बजट किसानों, युवाओं, श्रमिकों और छोटे उद्यमियों के लिए अवसर और सुरक्षा दोनों प्रदान करता है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने की दिशा में ठोस कदम है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि बजट का डिज़ाइन केवल आर्थिक विकास पर केंद्रित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समावेशिता और दीर्घकालिक स्थिरता के सिद्धांतों पर आधारित है। इससे हर वर्ग के लोगों की भलाई सुनिश्चित होगी और समाज में समान अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
चतुर्वेदी ने अंत में कहा, “यह बजट भविष्य के भारत की नींव रखता है। इसमें निवेश, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और श्रमिक सुरक्षा के संतुलित प्रावधान इसे सभी वर्गों के लिए लाभकारी बनाते हैं। यह स्पष्ट संदेश देता है कि 2047 तक भारत एक विकसित, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है।