Jaipur: खान विभाग की सेवाएं होंगी डिजिटल, माइनिंग प्लान व नोड्यूज प्रक्रिया ऑनलाइन

Update: 2025-07-27 06:07 GMT
Jaipur जयपुर । प्रमुख सचिव खान एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने कहा है कि खान एवं भूविज्ञान विभाग की सभी सेवाओं को चरणवद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा, मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में इस तरह से कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि प्रधान खनिजों की नीलामी में विविधिकरण लाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस समय लाइमस्टोन के ही सर्वाधिक ब्लाकों की नीलामी की जा रही है जबकि राजस्थान में अन्य मेजर मिनरल के भण्डार भी उपलब्ध हैं। उन्होंने राजस्व संग्रहण में समग्र प्रयास करने और पुरानी बकाया वसूली पर जोर देने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव माइंस शनिवार को उदयपुर खनिज भवन में निदेशक श्री दीपक तंवर के साथ वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा माइनिंग प्लान व नोड्यूज ऑनलाइन जारी करने के निर्देशों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगे हैं। चरणबद्ध तरीके से खान विभाग की सेवाओं को ऑनलाइन मोड पर लाया जाएगा। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्ध निष्पादन, कार्यों के निष्पादन में गुणवत्ता और हितधारकों के समय व धन की बचत हो सकेगी।
श्री रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में विभाग ने मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में समूचे देश में परचम फहराया है। अब हमें मेजर मिनरलों में लाइमस्टोन के साथ ही अन्य मेजर मिनरलों के एक्सप्लोरेशन से लेकर ऑक्शन की और ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि विभाग की एक अन्य प्रमुख प्राथमिकता नीलाम माइंस को जल्द से जल्द परिचालन में लाने के ठोस प्रयास करना है। ब्लॉकों के डेलिनियेशन के समय ही चारागाह या अन्य अवरोध वाले स्थानों से परे ब्लॉक तैयार किये जाएं ताकि ऑक्शन ब्लॉकों को परिचालन में लाने में अनुमतियों के चक्कर में देरी ना हो। उन्होंने भारत सरकार के एनएमईटी में प्राप्त राशि का उपयोग आधारभूत सरंचना विकसित करने में करने के निर्देश दिए ताकि विभागीय कार्यालय आवश्यक उपकरणों व संसाधनों से संपन्न हो सके।
निदेशक माइंस श्री दीपक तंवर ने बताया कि माइनिंग प्लान के ऑनलाइन अनुमोदन व नोड्यूज की ऑनलाइन व्यवस्था से खानधारकों को राहत मिली है। कम समय में ही प्राप्त आवेदनों में से सीधे लीजधारकों द्वारा स्वयं ही 117 नोड्यूज प्रमाणपत्र प्राप्त किए गए हैं। इससे उन्हें ना तो विभाग में आवेदन करने के लिए आना पड़ा और ना ही नोड्यूज प्राप्त करने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इसी तरह से माइनिंग प्लान ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था के बाद 99 प्लान प्राप्त हुए हैं जिन पर विभिन्न स्तरों पर ऑैनलाइन निष्पादन की कार्रवाई जारी है।
श्री तंवर ने बताया कि मिनरल ब्लॉकों के डेलिनियेशन से लेकर नीलामी तक में तेजी लाई गई है और पूरी कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है।
अतिरिक्त निदेशक प्रभारी हरियालो राजस्थान श्री महेश माथुर ने बताया कि माइनिंग सेक्टर में करीब 6 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। स्थानीय अधिकारियों को सहप्रभारी बनाया गया है और उनके द्वारा पौधारोपण को गति दी जा रही है।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक प्रशासन श्री ओपी बुनकर, श्री पीआर आमेटा, एडीजी श्री गोपालाराम, वित्तीय सलाहकार श्री गिरिश कछारा सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
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