खेल शोध और भाषा पर जोर: कलराज मिश्र ने डॉ. कनिष्क पांडेय के कार्य की सराहना की
Delhi दिल्ली। राजस्थान के पूर्व राज्यपाल Kalraj Mishra ने डॉ. कनिष्क पांडेय के खेल क्षेत्र में किए गए शोध और उनके शैक्षणिक योगदान की सराहना की है। उन्होंने कहा कि डॉ. पांडेय ने खेल विषय पर विशेष शोध करते हुए पीएचडी की उपाधि हासिल की है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कलराज मिश्र ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में गहन शोध और अध्ययन की आवश्यकता होती है, जिसे डॉ. कनिष्क पांडेय ने बखूबी पूरा किया है।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. पांडेय का मानना है कि एक सामान्य व्यक्ति को किसी भी भाषा में अपनी बात रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। भाषा संवाद का माध्यम है और यह समाज को जोड़ने का कार्य करती है। ऐसे में भाषा की बाधाओं को समाप्त कर संवाद को आसान बनाना समय की आवश्यकता है।
पूर्व राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में ऐसे प्रयास समाज को नई दिशा देते हैं और युवाओं को प्रेरित करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. पांडेय का यह कार्य आने वाले समय में खेल और भाषा के क्षेत्र में नई सोच और अवसरों को जन्म देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे समाज के व्यापक हित में एक सकारात्मक कदम बताया। इस अवसर पर शिक्षा, खेल और भाषा के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई।