नाभा (पटियाला): एक महिला की मौत के बाद कथित मेडिकल लापरवाही का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में सर्जरी में इस्तेमाल होने वाला सामान छोड़ दिया गया था। ऑपरेशन के बाद महिला लगातार दर्द और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझती रही और बाद में उसकी मौत हो गई। मामले ने उस समय सनसनीखेज मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के बाद श्मशान घाट की राख में कथित तौर पर सर्जिकल औजार जैसी वस्तुएं मिलने का दावा किया गया।

परिजनों के अनुसार महिला का कुछ समय पहले ऑपरेशन कराया गया था। सर्जरी के बाद से ही उसकी तबीयत ठीक नहीं रह रही थी। उसे पेट में तेज दर्द और दूसरी परेशानियां होने लगीं। परिवार का आरोप है कि इलाज के बावजूद महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। महिला को राहत नहीं मिलने पर परिवार उसे दोबारा इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा। उसकी हालत गंभीर होती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। महिला की मौत से परिवार में मातम पसर गया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
राख में सामान मिलने का दावा
मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा अंतिम संस्कार के बाद सामने आया। बताया जा रहा है कि श्मशान घाट पर महिला की चिता की राख और अवशेषों के बीच धातु की ऐसी वस्तुएं मिलीं जिन्हें परिजनों ने सर्जिकल सामान बताया। इसके बाद परिवार ने महिला के ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि यदि ऑपरेशन के दौरान कोई सामान महिला के शरीर के अंदर छूट गया था तो यह गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला है। हालांकि राख में मिली वस्तुएं वास्तव में कौन से चिकित्सकीय उपकरण थे और क्या वे महिला के ऑपरेशन के दौरान ही उसके शरीर में रह गए थे इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
जांच से साफ होगा पूरा मामला
ऐसे मामले में मेडिकल रिकॉर्ड ऑपरेशन नोट्स इलाज से जुड़े दस्तावेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम साबित हो सकते हैं। साथ ही राख से बरामद बताई जा रही वस्तुओं की फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि वे किस प्रकार की हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता है।
परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला की मौत सीधे कथित तौर पर पेट में छूटे सामान के कारण हुई या इसके पीछे कोई दूसरी चिकित्सकीय वजह थी इसकी पुष्टि भी विशेषज्ञ जांच से ही संभव होगी। फिलहाल इस घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। यदि जांच में ऑपरेशन के दौरान सर्जिकल सामान शरीर के भीतर छोड़ने की पुष्टि होती है तो संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार चिकित्साकर्मियों की भूमिका गंभीर जांच के दायरे में आ सकती है।
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