जालंधर: पंजाब की राजनीति से दुखद खबर सामने आई है। वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नीलाल के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय तक पंजाब की सक्रिय राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले भगत चुन्नीलाल की पहचान विशेष रूप से जालंधर क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में रही। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद समर्थकों और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
भगत चुन्नीलाल का जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक सफर में पंजाब विधानसभा में कई बार जनता का प्रतिनिधित्व किया। वह 1997 में जालंधर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2007 में भी इसी सीट से जीत हासिल की। परिसीमन के बाद 2012 में उन्होंने जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता।
पंजाब सरकार में संभाले अहम मंत्रालय
भगत चुन्नीलाल का राजनीतिक कद केवल विधायक तक सीमित नहीं रहा। वह पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। उन्होंने स्थानीय निकाय और मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा वह वन एवं वन्यजीव और श्रम विभाग से भी जुड़े रहे।
वर्ष 2011 में उन्हें पंजाब विधानसभा का डिप्टी स्पीकर चुना गया था। इसके बाद 2012 से 2017 के बीच वह पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता भी रहे। लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण उनकी गिनती राज्य भाजपा के वरिष्ठ चेहरों में होती थी।
बेटे मोहिंदर भगत भी सक्रिय राजनीति में
भगत चुन्नीलाल का परिवार भी पंजाब की राजनीति में सक्रिय है। उनके बेटे मोहिंदर भगत जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। मोहिंदर भगत ने 2024 के विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। भगत चुन्नीलाल ने अपने राजनीतिक जीवन का बड़ा हिस्सा जालंधर की राजनीति में बिताया। स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ रही और विधानसभा चुनावों में मिली जीत ने उनके राजनीतिक प्रभाव को स्थापित किया।
समर्थकों में शोक
उनके निधन की खबर से समर्थकों के बीच शोक का माहौल है। पंजाब की राजनीति में कई दशक बिताने वाले भगत चुन्नीलाल का सफर विधायक डिप्टी स्पीकर कैबिनेट मंत्री और विधायक दल के नेता जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा। उनके निधन के कारण और अंतिम संस्कार से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। परिवार या आधिकारिक स्तर से विस्तृत सूचना मिलने के बाद अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम से संबंधित स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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