Punjab.पंजाब: होशियारपुर के एक ग्रामीण क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग पर गेटमैन की नौकरी अचानक खाली हो गई। सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय सरपंच ने स्वयं इस जिम्मेदारी को संभालने का साहसिक कदम उठाया। इस पहल ने स्थानीय लोगों में सराहना और सुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, गेटमैन के अचानक इस्तीफे के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर गाड़ियों के आने-जाने की व्यवस्था में समस्या उत्पन्न हो गई थी। ग्रामीणों ने अपनी परेशानियाँ प्रशासन के समक्ष रखी, लेकिन तात्कालिक समाधान के अभाव में सरपंच ने स्वयं क्रॉसिंग की जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया।
सरपंच ने बताया, “मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमारी जनता की सुरक्षा है। गेटमैन की अनुपस्थिति में यदि कोई दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार मैं नहीं बनना चाहता। इसलिए मैंने खुद अपनी सुविधा और समय से यह जिम्मेदारी संभाली।” उन्होंने आगे कहा कि वे सुबह और शाम के समय रेलवे क्रॉसिंग पर गाड़ियों की आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित पार कराने में मदद कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने सरपंच की इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि कैसे नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना किसी भी व्यक्ति को समाज के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। रेलवे कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन भी सरपंच की मदद से क्रॉसिंग पर सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, जब तक कि स्थायी गेटमैन की नियुक्ति नहीं हो जाती।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गेटमैन की कमी के कारण ऐसी अस्थायी व्यवस्था आवश्यक हो गई थी। उन्होंने कहा, “सरपंच की पहल से न केवल दुर्घटना की संभावना कम हुई, बल्कि लोगों में सुरक्षा और जागरूकता का संदेश भी गया।”
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण नेतृत्व की ऐसी पहलें समाज में जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देती हैं और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। सरपंच ने अपने कदम से दिखाया कि सरकारी संसाधनों के अभाव में भी स्थानीय नेतृत्व परिस्थितियों का समाधान निकाल सकता है।
सरपंच ने यह भी कहा कि वे ग्रामीणों से अनुरोध करते हैं कि वे रेलवे क्रॉसिंग पर अनुशासन बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। उनका उद्देश्य केवल क्रॉसिंग को चलाना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।