पंजाब : फाजिल्का में सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के एक जवान ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की गला रेतकर हत्या करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार रात बीएसएफ परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना जवान के पैतृक गांव सांती में रहने वाले परिजनों को दी गई तो परिवार में कोहराम मच गया। खबर मिलते ही परिजन पंजाब के लिए रवाना हो गए।

मृतक जवान की पहचान 38 वर्षीय दिनेश कुमार के रूप में हुई है। वह बीएसएफ में आरक्षी के पद पर तैनात थे और वर्तमान में उनकी तैनाती पंजाब के फाजिल्का में थी। दिनेश मूल रूप से थाना क्षेत्र के गांव सांती के रहने वाले थे। वह बीएसएफ कैंपस में मिले सरकारी क्वार्टर में अपनी 36 वर्षीय पत्नी पिंकी देवी और दो बच्चों के साथ रह रहे थे।

दंपती के दो बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी अनुष्का बघेल की उम्र करीब 12 वर्ष है, जबकि बेटा जयादित्य बघेल लगभग सात वर्ष का है। इस घटना के बाद दोनों बच्चों के सिर से एक साथ माता-पिता का साया उठ गया। माता-पिता की मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव के लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तो दिनेश के घर के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार रात सरकारी क्वार्टर में दिनेश ने कथित रूप से धारदार हथियार से पत्नी पिंकी देवी का गला रेत दिया। इससे पिंकी की मौत हो गई। इसके बाद दिनेश ने खुद भी फंदा लगाकर जान दे दी। घटना का पता चलने के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। एक ही क्वार्टर में पति-पत्नी के शव मिलने की खबर से बीएसएफ परिसर में हड़कंप मच गया।

हालांकि, दिनेश ने इतना गंभीर कदम क्यों उठाया और घटना से पहले पति-पत्नी के बीच क्या हुआ था, इसके बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या कोई अन्य कारण था, यह जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर घटना के वास्तविक कारण के बारे में कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

बताया जा रहा है कि घटना के संबंध में दिनेश के पैतृक गांव में रहने वाले परिजनों को सूचना दी गई। फोन पर यह दुखद खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्य इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे। कुछ ही समय में गांव के दूसरे लोगों और रिश्तेदारों को भी इसकी जानकारी हो गई। इसके बाद परिजन आवश्यक तैयारियां कर फाजिल्का के लिए रवाना हो गए।

दिनेश कुमार के बीएसएफ में कार्यरत होने के कारण गांव और आसपास के लोग उन्हें एक जवान के रूप में जानते थे। वह ड्यूटी के सिलसिले में परिवार के साथ पंजाब में रह रहे थे। गांव में मौजूद परिजनों को भी यह अंदाजा नहीं था कि बुधवार की रात उनके परिवार पर इतना बड़ा संकट आने वाला है। पति-पत्नी की एक साथ मौत ने दोनों परिवारों को झकझोर दिया है।

सबसे गंभीर स्थिति दंपती के दोनों बच्चों की है। 12 वर्षीय अनुष्का और सात वर्षीय जयादित्य अभी ऐसी उम्र में हैं, जब उन्हें माता-पिता के संरक्षण और सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है। अचानक हुई इस घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। रिश्तेदारों और ग्रामीणों के बीच बच्चों की देखभाल तथा उनके भविष्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

सरकारी क्वार्टर में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद जांच से जुड़े अधिकारी घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने में जुटे हैं। घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों, परिवार के सदस्यों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि घटना से पहले किसी प्रकार का विवाद हुआ था या जवान किसी तनाव से गुजर रहा था।

पति-पत्नी के मोबाइल फोन, हाल की बातचीत और परिचितों से मिली जानकारी भी घटना के कारणों को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किन परिस्थितियों ने इस परिवार को इतनी बड़ी त्रासदी की ओर धकेल दिया।

घटना ने एक बार फिर पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि परिवार में विवाद या तनाव बढ़ने पर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर रिश्तेदारों, भरोसेमंद मित्रों, वरिष्ठ अधिकारियों या पेशेवर परामर्शदाता की मदद ली जानी चाहिए। हिंसा किसी विवाद का समाधान नहीं हो सकती, क्योंकि इसका सबसे गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव परिवार के निर्दोष सदस्यों, खासकर बच्चों पर पड़ता है।

दिनेश और पिंकी की मौत की खबर के बाद सांती गांव में शोक का माहौल है। परिचित और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। सभी की निगाह अब संबंधित अधिकारियों की ओर से की जाने वाली जांच और विस्तृत आधिकारिक जानकारी पर है। परिजन शवों से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने तथा घटना के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए फाजिल्का पहुंच रहे हैं।

एक ही रात में माता-पिता को खोने वाले अनुष्का और जयादित्य की स्थिति ने हर किसी को भावुक कर दिया है। जिस सरकारी क्वार्टर में परिवार साथ रहता था, वहीं हुई इस घटना ने दो मासूम बच्चों से उनका पूरा संसार छीन लिया। फिलहाल परिवार शोक में डूबा हुआ है और वारदात के सही कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है।

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