पंजाब

Punjab: लैब असिस्टेंट ने स्कल्पचरल आर्ट से बनाई पहचान

Payal
25 April 2026 12:35 PM IST
Punjab: लैब असिस्टेंट ने स्कल्पचरल आर्ट से बनाई पहचान
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Punjab.पंजाब: जालंधर के एक आम पेशे से जुड़े व्यक्ति ने स्टेट एग्ज़िबिशन में अपनी अद्वितीय स्कल्पचरल आर्ट के जरिए सबका ध्यान खींचा। लैब असिस्टेंट के रूप में कार्यरत हरप्रीत सिंह (काल्पनिक नाम) ने इस बार राज्य स्तरीय एग्ज़िबिशन में अपनी कलाकृतियों के माध्यम से कला जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। स्टेट एग्ज़िबिशन में भाग लेने के लिए हरप्रीत सिंह ने कई महीने की मेहनत और रचनात्मक प्रयास किए। उनकी कलाकृतियों में पारंपरिक और आधुनिक स्कल्पचरल कला का अनूठा मिश्रण देखने को मिला। उन्होंने प्राकृतिक सामग्री और विभिन्न प्रकार के मटेरियल्स का उपयोग करते हुए ऐसे डिज़ाइन तैयार किए जो दर्शकों और जजों दोनों को प्रभावित करने में सफल रहे।
हरप्रीत ने बताया, “मैं हमेशा कला और विज्ञान के बीच संतुलन बनाए रखना चाहता था। एक लैब असिस्टेंट होने के नाते मैं रोज़मर्रा की चीजों से प्रेरणा लेता हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मेरे काम में लोगों को सोचने और महसूस करने का अनुभव मिले।” स्टेट एग्ज़िबिशन में उनकी कलाकृतियों को काफी सराहा गया और जजों ने उनके काम की विशेषता, नवाचार और संवेदनशील दृष्टिकोण की तारीफ की। आयोजकों ने बताया कि हरप्रीत की स्कल्पचरल आर्ट ने न केवल कला में उनकी प्रतिभा को प्रदर्शित किया, बल्कि आम लोगों और युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का काम भी किया। स्थानीय कला प्रेमियों और नागरिकों ने भी हरप्रीत की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
शिल्प कला विशेषज्ञ रवीना कौर ने कहा, “यह बहुत ही प्रेरणादायक है कि एक लैब असिस्टेंट ने अपने शौक और जुनून के जरिए राज्य स्तर पर पहचान बनाई। यह साबित करता है कि अगर मेहनत और रचनात्मकता हो तो कोई भी अपनी पहचान बना सकता है।” इस उपलब्धि ने जालंधर के कला और सांस्कृतिक माहौल को भी उत्साहित किया है। नगर निगम और स्थानीय कला संस्थाओं ने हरप्रीत को सम्मानित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही युवा कलाकारों और विद्यार्थियों के लिए कार्यशालाओं और प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जाएगा, ताकि कला के क्षेत्र में नए टैलेंट को बढ़ावा मिले। हरप्रीत की कहानी यह संदेश देती है कि पेशे के बावजूद अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी व्यक्ति कला, विज्ञान या किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकता है। उनके काम ने यह भी दिखाया कि कला केवल पेशेवर कलाकारों का क्षेत्र नहीं है, बल्कि आम लोगों की रचनात्मकता और प्रतिभा को भी मंच दिया जा सकता है।
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