Punjab.पंजाब: पंजाब के अमृतसर में गुरु तेग बहादुर की जयंती के अवसर पर भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और उन्होंने गुरु साहिब के जीवन और उनके संदेश को याद किया। नगर कीर्तन में भजन-कीर्तन, पथ पाठ और शास्त्रीय संगीत के माध्यम से श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के सिद्धांतों का स्मरण किया।
नगर कीर्तन सुबह के समय शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुरुद्वारों तक पहुँचा। श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में झंडे, फूल और धार्मिक प्रतीक रखकर कीर्तन में भाग लिया। इसके अलावा कई धार्मिक मंचों पर गुरु तेग बहादुर के जीवन और उनके बलिदान की जानकारी दी गई, जिससे विशेष रूप से युवाओं में जागरूकता बढ़ी।
आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा रखा गया। पुलिस और स्वयंसेवी संगठन लोगों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रख रहे थे। उन्होंने सुनिश्चित किया कि नगर कीर्तन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
इस अवसर पर सिख समुदाय ने गुरु तेग बहादुर के जीवन मूल्यों—धर्म रक्षा, मानवता और शांति—को याद करते हुए समाज में भाईचारे और सहिष्णुता का संदेश फैलाया। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं।
गुरु तेग बहादुर की जयंती पर आयोजित इस नगर कीर्तन ने अमृतसर शहर को धार्मिक उल्लास और सांस्कृतिक सौहार्द से भर दिया। लोगों ने इस अवसर को पारंपरिक ध्वनि वाद्ययंत्र, भजन और कीर्तन के माध्यम से मनाया, जो हर उम्र के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
कुल मिलाकर, अमृतसर में गुरु तेग बहादुर की जयंती पर आयोजित नगर कीर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि यह समाज में शांति और भाईचारे का संदेश भी लेकर आया। इस आयोजन ने लोगों को उनके धर्म और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक किया।