चंडीगढ़ : अपनी बहन की जिंदगी बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों से मदद मांगकर इलाज के लिए एक-एक रुपये जुटाने वाले भाई के सामने उस समय बड़ा संकट खड़ा हो गया, जब अस्पताल में रखी गई इलाज की रकम ही चोरी हो गई। पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड के बाहर थककर सो रहे भाई की जेब से 1 लाख रुपये गायब हो गए। इस घटना ने पहले से आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे परिवार को और गहरे सदमे में डाल दिया है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित भाई अपनी बहन के इलाज के लिए लंबे समय से परेशान था। बहन की गंभीर हालत को देखते हुए उसने इलाज का खर्च जुटाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों से मदद मांगी। कई लोगों से उधार लेकर और आर्थिक सहायता जुटाकर उसने करीब 1 लाख रुपये जमा किए थे, ताकि बहन के इलाज में कोई रुकावट न आए।

परिवार के लिए यह रकम केवल पैसे नहीं, बल्कि बहन की जिंदगी बचाने की उम्मीद थी। इसी उम्मीद के साथ भाई अस्पताल पहुंचा था और इलाज से जुड़ी जरूरतों के लिए रकम अपने पास रखी हुई थी। लेकिन अस्पताल परिसर में हुई चोरी की घटना ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

बताया जा रहा है कि पीड़ित भाई पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड के बाहर लगातार अपनी बहन की देखभाल में लगा हुआ था। इलाज और चिंता के कारण वह काफी थक चुका था। इसी दौरान वह कुछ देर के लिए बाहर सो गया। इसी मौके का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी जेब से इलाज के लिए रखे गए 1 लाख रुपये चोरी कर लिए।

जब भाई की नींद खुली और उसने अपनी जेब संभाली तो रकम गायब थी। इसके बाद उसके होश उड़ गए। उसने काफी तलाश की, लेकिन पैसे का कोई पता नहीं चला। परिवार के लिए यह स्थिति बेहद परेशान करने वाली थी, क्योंकि इलाज के लिए जुटाई गई पूरी रकम एक झटके में चली गई थी।

पीड़ित परिवार ने घटना की जानकारी पुलिस को दी और मामले की जांच की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।

अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ रहती है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था एक अहम मुद्दा बन जाती है। कई बार मरीजों के परिजन इलाज की चिंता में अपने सामान और पैसों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे पाते। इस तरह की घटनाएं संकट में पड़े परिवारों की परेशानी को और बढ़ा देती हैं।

परिवार का कहना है कि उन्होंने बड़ी मुश्किल से इलाज के लिए यह रकम जुटाई थी। रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर जमा किए गए पैसे चोरी होने के बाद अब उनके सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक तरफ बहन का इलाज जारी रखना है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक संकट से भी जूझना पड़ रहा है।

परिजनों ने प्रशासन और पुलिस से जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ने और चोरी हुई रकम बरामद कराने की अपील की है। उनका कहना है कि यह पैसा उनके लिए बेहद जरूरी था और इसके बिना इलाज प्रभावित हो सकता है।

इस घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मरीजों के साथ आने वाले परिजन अक्सर अस्पताल परिसर में लंबे समय तक रहते हैं और कई बार थकान के कारण आराम करने को मजबूर होते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सामान की निगरानी के लिए बेहतर इंतजाम की जरूरत महसूस की जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार को उम्मीद है कि उनकी मेहनत और उम्मीदों की कमाई वापस मिलेगी और बहन का इलाज बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगा।

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