Jalandhar.जालंधर: जालंधर नगर निगम ने रेलवे स्टेशन से लंबित पानी और सीवर शुल्क के बकाए के तौर पर कुल 87 लाख रुपये वसूले हैं। यह कार्रवाई नगर निगम के नियमानुसार की गई, जिसमें स्थानीय प्रशासन ने रेलवे स्टेशन प्रशासन को नोटिस जारी करने के बाद बकाया राशि वसूल की।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह राशि स्टेशन के पिछले कई वर्षों के बकाए और उपयोग शुल्क को लेकर थी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य सभी सरकारी और निजी संस्थानों से समय पर शुल्क वसूलना और शहर के जल और सीवर सिस्टम के संचालन को सुचारू रखना है।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे स्टेशन ने नोटिस मिलने के बाद बकाया राशि का भुगतान कर दिया, जिससे निगम की वसूली प्रक्रिया सफल रही। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम ने पहले भी कई बार लिखित और मौखिक नोटिस देकर भुगतान की मांग की थी।
इस कदम से नगर निगम ने साफ़ संदेश दिया कि किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था को नियमों और बकाया राशि के पालन से नहीं छूट मिलेगी। नगर निगम के प्रवक्ता ने कहा कि भविष्य में भी सभी संस्थानों से समय पर बकाया वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई न केवल निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि अन्य संस्थानों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पानी और सीवर शुल्क का सही वसूली होना शहर के जलापूर्ति और सीवर प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
रेलवे स्टेशन प्रशासन ने इस मामले में कहा कि वसूली प्रक्रिया के बाद वे भविष्य में समय पर भुगतान करने का प्रयास करेंगे। इस कदम को शहर में शासन और प्रशासन की जवाबदेही बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
संक्षेप में, जालंधर नगर निगम ने रेलवे स्टेशन से पानी और सीवर शुल्क के बकाए के तौर पर 87 लाख रुपये वसूले। यह कदम शहर के जल और सीवर सिस्टम की स्थिरता, प्रशासनिक जवाबदेही और नियमों के पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।