Jalandhar.जालंधर: पंजाब फूड कमीशन के एक सदस्य ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न गांवों में अचानक निरीक्षण कर सरप्राइज चेकिंग की। इस निरीक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के तहत वितरण की जा रही खाद्य सामग्री और राशन की गुणवत्ता का जायजा लेना था। सूत्रों के अनुसार, फूड कमीशन के सदस्य ने गांवों में सरकारी राशन की दुकानों, स्कूलों और पंचायत स्तर पर वितरण केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने देखा कि क्या राशन समय पर और सही मात्रा में ग्रामीणों तक पहुंच रहा है या नहीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी ग्रामीणों से भी बातचीत करते रहे और उनकी समस्याओं को सीधे सुना।
फूड कमीशन के सदस्य ने बताया, "हमारा लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सामग्री की सही तरीके से आपूर्ति हो। इस चेकिंग में हमें यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भ्रष्टाचार या लापरवाही के कारण लाभार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।" स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ केंद्रों पर समय पर वितरण न होने और स्टॉक की कमी जैसी समस्याएं सामने आई हैं। अधिकारियों ने इस पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी त्रुटियां दोबारा न हों, इसके लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीणों ने इस कदम की सराहना की और कहा कि फूड कमीशन के सदस्य का अचानक निरीक्षण उन्हें यह भरोसा देता है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है। कई ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर राशन वितरण में भ्रष्टाचार और अनियमितता होती रहती थी, लेकिन अब यह सुधार की उम्मीद दिख रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फूड कमीशन के सदस्यों द्वारा किए गए इस प्रकार के सरप्राइज निरीक्षण सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समय-समय पर ऐसे निरीक्षण से वितरण प्रणाली में सुधार होता है और लाभार्थियों तक सुविधाओं का सही लाभ पहुंचता है।
जिले में खाद्य सुरक्षा और राशन वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए फूड कमीशन ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले महीनों में और अधिक नियमित निरीक्षण किए जाएंगे। इसके तहत वितरण केंद्रों में स्टॉक, गुणवत्ता, समय पर वितरण और शिकायत निवारण प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। इस सरप्राइज चेकिंग से यह स्पष्ट हुआ कि पंजाब सरकार और फूड कमीशन ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हैं। ग्रामीणों के लिए यह कदम राहत देने वाला है और उन्हें भरोसा दिलाता है कि उनके अधिकारों और सुविधाओं की सुरक्षा की जा रही है।