चंडीगढ़। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर चंडीगढ़ जिला अदालत में याचिका दायर की गई है। इस मामले में अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
जानकारी के अनुसार, एडवोकेट विभु सैनी की ओर से अदालत में यह याचिका दाखिल की गई है। याचिका में तीनों के खिलाफ कथित गतिविधियों को लेकर पुलिस में मामला दर्ज करने की मांग की गई है। सोमवार को अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे स्वीकार कर लिया और चंडीगढ़ पुलिस से पूरे मामले पर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।
अदालत की ओर से जारी नोटिस के बाद अब पुलिस को यह बताना होगा कि याचिका में लगाए गए आरोपों के आधार पर कार्रवाई की जरूरत है या नहीं। पुलिस की रिपोर्ट और पक्ष सुनने के बाद अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
याचिका में लगाए गए आरोपों और उनकी कानूनी स्थिति को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अदालत ने फिलहाल केवल पुलिस से जवाब मांगा है। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान ही यह स्पष्ट होगा कि पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी या नहीं।
सोनम वांगचुक सामाजिक मुद्दों और पर्यावरण से जुड़े मामलों को लेकर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वहीं अभिजीत दीपके अपनी राजनीतिक गतिविधियों और सोशल मीडिया पर बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कॉमेडियन कुणाल कामरा भी अपने व्यंग्य और सार्वजनिक टिप्पणियों के कारण कई बार विवादों में रहे हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अदालत की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत में दिए गए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेना होता है। यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो शिकायतकर्ता अदालत का रुख कर सकता है। इस मामले में भी याचिकाकर्ता ने अदालत के माध्यम से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
अब सभी की नजरें 18 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। उस दिन पुलिस अपना जवाब अदालत में दाखिल कर सकती है, जिसके बाद अदालत आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी। फिलहाल इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।