बघेल के सामने भिड़े कांग्रेसी नेता, पंजाब में संगठन बदलाव को लेकर सियासी संकट
पंजाब कांग्रेस में घमासान, बघेल की मौजूदगी में नारेबाजी और हाथापाई
चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी की बैठक के दौरान नारेबाजी और हाथापाई की स्थिति बनने से संगठन में चल रहे मतभेद उजागर हो गए। बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पर्यवेक्षक की मौजूदगी में बैठक चल रही थी।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के एक गुट ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। चन्नी खेमा नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
बैठक में बढ़ा विवाद
पार्टी की संगठनात्मक बैठक के दौरान कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी बढ़ गई कि आपसी कहासुनी के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई।
मौके पर मौजूद नेताओं ने स्थिति संभालने की कोशिश की। हालांकि, इस घटनाक्रम ने पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी संघर्ष को फिर से चर्चा में ला दिया है।
नेतृत्व परिवर्तन की मांग
चन्नी गुट का कहना है कि पार्टी को मजबूत करने के लिए संगठन में बदलाव की जरूरत है। उनका दावा है कि नए नेतृत्व के साथ ही कांग्रेस आगामी चुनावी चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकती है।
वहीं, दूसरे पक्ष का मानना है कि पार्टी को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए और सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आने से कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाता है।
हाईकमान की नजर
पंजाब कांग्रेस में बढ़ते विवाद को लेकर पार्टी हाईकमान भी नजर बनाए हुए है। नेतृत्व की ओर से सभी गुटों के बीच समन्वय बनाने और विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब जैसे राज्य में कांग्रेस के लिए आंतरिक एकता बड़ी चुनौती है। आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी को संगठनात्मक मजबूती और नेताओं के बीच तालमेल पर ध्यान देना होगा।
आगे की रणनीति पर निगाह
फिलहाल पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है। अब देखना होगा कि पार्टी हाईकमान इस विवाद को कैसे सुलझाता है और क्या संगठन में कोई बड़ा बदलाव किया जाता है।