जालंधर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार, 30 सितंबर को पंजाब के जालंधर पहुंच रहे हैं। वह परागपुर के पास NH-44 के किनारे आयोजित भाजपा की नशा विरोधी महारैली को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम पार्टी की 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। रैली को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं और आयोजन स्थल का क्षेत्रफल बढ़ाकर करीब 60 से 65 एकड़ तक किया गया है।

रैली के लिए शुरुआती योजना करीब 40 एकड़ जमीन पर कार्यक्रम आयोजित करने की थी। बाद में संभावित भीड़ को देखते हुए इसे पहले 50 एकड़ और फिर करीब 63 एकड़ तक बढ़ाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 28 एकड़ क्षेत्र में विशाल पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल में हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के खड़े होकर कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना भी जताई गई है।

ताजा रिपोर्टों में परागपुर स्थित रैली परिसर को लगभग 60 से 65 एकड़ क्षेत्र में फैला बताया गया है। इसमें मुख्य रैली स्थल के अलावा पार्किंग और वाहनों की आवाजाही के लिए अलग क्षेत्र बनाए गए हैं। करीब 20 एकड़ से अधिक जमीन पार्किंग के लिए निर्धारित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

भाजपा नेताओं के अनुसार पंजाब के अलग-अलग जिलों से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जालंधर लाने के लिए बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था की गई है। करीब 2,000 बसों के जरिए समर्थकों के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की संभावना है। पार्टी को खास तौर पर दोआबा क्षेत्र से बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।

यह महारैली भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का अंतिम कार्यक्रम है। यह यात्रा 18 सितंबर को शुरू हुई थी और पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी है। यात्रा को चार अलग-अलग मार्गों से निकाला गया था। अलग-अलग चरणों को भाजपा के राष्ट्रीय और केंद्रीय नेताओं ने रवाना किया था।

पहला चरण पठानकोट के माधोपुर से शुरू हुआ था, जबकि अन्य यात्राएं फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से निकाली गई थीं। पार्टी ने इस अभियान के दौरान पंजाब में नशे की समस्या को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया और अलग-अलग इलाकों में जनसभाएं तथा संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए।

अमित शाह के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। रैली स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है। डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा टीमों ने कार्यक्रम स्थल की जांच की है। गृह मंत्री की यात्रा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

अमित शाह रैली से पहले जालंधर स्थित श्री देवी तालाब मंदिर परिसर में त्रिपुरमालिनी शक्ति पीठ में भी दर्शन करने वाले हैं। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक वह आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मंदिर की ओर जाएंगे और वहां पूजा-अर्चना के बाद रैली स्थल के लिए रवाना होंगे।

इसके अलावा गृह मंत्री के नशे से प्रभावित परिवारों के साथ भी मुलाकात करने का कार्यक्रम बताया गया है। यह बैठक बंद कमरे में होने की संभावना है। नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों को भाजपा के अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है और पार्टी इस मुद्दे को सामाजिक समस्या के साथ-साथ राजनीतिक सवाल के रूप में भी उठा रही है।

पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। भाजपा इस अभियान के जरिए राज्य में नशा तस्करी, नशे की लत और उससे प्रभावित परिवारों की समस्याओं को उठा रही है। वहीं सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा के अभियान को लेकर सवाल भी उठाए हैं। राजनीतिक दल एक-दूसरे के पिछले रिकॉर्ड और नशा रोकने की कार्रवाई को लेकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।

भाजपा का कहना है कि ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना और इसे जन आंदोलन का रूप देना है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि 30 सितंबर की रैली के साथ यात्रा समाप्त जरूर होगी, लेकिन नशे के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा।

रैली के लिए तैयार किए गए विशाल पंडाल और पार्किंग व्यवस्था के साथ प्रशासन के सामने यातायात प्रबंधन भी बड़ी चुनौती है। NH-44 के आसपास बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है। हालांकि सुबह तक शहर में कोई व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान घोषित नहीं किया गया था।

रैली स्थल के पास पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बैठने, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। स्थानीय और प्रदेश भाजपा नेतृत्व पिछले कई दिनों से तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। आयोजन स्थल का आकार लगातार बढ़ाए जाने से यह साफ है कि पार्टी बड़ी भीड़ की उम्मीद कर रही है।

30 सितंबर की यह रैली पंजाब भाजपा के लिए संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है। अगले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नशे के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर रही है। हालांकि रैली के राजनीतिक प्रभाव को लेकर अलग-अलग दलों के अपने दावे हैं और इसका आकलन आने वाले समय में ही होगा।

फिलहाल परागपुर के पास विशाल रैली स्थल तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उनकी मौजूदगी में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का औपचारिक समापन होगा और पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भाजपा अपने अगले अभियान और राजनीतिक संदेश को सामने रखेगी।

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