मोगा। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक किलो हेरोइन के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई सीआईए स्टाफ मोगा की टीम ने की। पुलिस ने पहले नई दाना मंडी इलाके से तीन आरोपियों को एक ट्रैक्टर समेत काबू किया, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार सीआईए स्टाफ की टीम को नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और नई दाना मंडी क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को उनके कब्जे से हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा जिस ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा था, उसे भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच की और एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि चारों आरोपियों से कुल एक किलो हेरोइन बरामद की गई है। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन मिलने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनकी आपसी भूमिका, संपर्कों और नशा सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
सीआईए स्टाफ की इस कार्रवाई को मोगा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस पहले भी अलग-अलग मामलों में हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों की बरामदगी करती रही है।
पुलिस अब यह भी जांच रही है कि नई दाना मंडी क्षेत्र में आरोपियों की मौजूदगी किस उद्देश्य से थी। क्या वे वहां नशे की सप्लाई करने पहुंचे थे या किसी अन्य व्यक्ति से खेप लेने वाले थे, इस बारे में पूछताछ जारी है।
ट्रैक्टर की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहन का इस्तेमाल नशा पहुंचाने के लिए किया जा रहा था या वह केवल मौके पर मौजूद था।
आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वे किन लोगों के संपर्क में थे और नशे की सप्लाई चेन कहां तक फैली हुई है।
एक किलो हेरोइन की बरामदगी को देखते हुए पुलिस इस मामले को केवल स्थानीय तस्करी तक सीमित नहीं मान रही है। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि क्या आरोपियों का किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से संबंध है।
पुलिस के लिए अब सबसे अहम सवाल यह है कि हेरोइन का स्रोत क्या था। यदि आरोपियों ने यह खेप किसी दूसरे जिले या राज्य से हासिल की थी तो संबंधित क्षेत्र की पुलिस के साथ भी संपर्क किया जा सकता है।
मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा सकती है। नशा तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस अक्सर बैंक खातों, डिजिटल भुगतान और अन्य आर्थिक रिकॉर्ड की जांच करती है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जा सकती है। रिमांड मिलने की स्थिति में उनसे विस्तृत पूछताछ कर अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
मोगा पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। जिले के अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रखा गया है।
नशे की तस्करी के मामलों में छोटे सप्लायर से लेकर बड़े नेटवर्क तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी वजह से प्रत्येक गिरफ्तारी के बाद उससे जुड़े संपर्कों और पुराने मामलों को खंगाला जाता है।
पुलिस यह भी देख सकती है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है या नहीं। यदि उनका आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
नई दाना मंडी क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की जा सकती है कि नशा तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से गंभीर मुद्दा रही है और अलग-अलग जिलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। मोगा पुलिस भी इस अभियान के तहत सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दे रही है।
इस मामले में बरामद हेरोइन का वजन करीब एक किलो बताया गया है। पुलिस इसे कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि नशे की यह खेप स्थानीय स्तर पर खपाई जानी थी या इसे आगे किसी अन्य जिले में भेजा जाना था।
फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। सीआईए स्टाफ की टीम उनसे मिले सुरागों के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों पर भी कार्रवाई कर सकती है।
मोगा पुलिस की इस कार्रवाई ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक और महत्वपूर्ण सफलता दी है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि एक किलो हेरोइन की इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसका पूरा नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।