चंडीगढ़। शहर में नए वेंडिंग जोन बनाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। चंडीगढ़ व्यापार मंडल (सीबीएम) ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए यूटी के गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़ से मुलाकात की और अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं। व्यापार मंडल ने कहा कि शहर के प्रमुख बाजार पहले से ही यातायात, पार्किंग, स्वच्छता और भीड़भाड़ जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में नए वेंडिंग जोन बनाए जाने से स्थिति और खराब हो सकती है।
गुरुवार को व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने गृह सचिव से मुलाकात की। इसमें व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा और चेयरमैन चरणजीव सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बाजारों में जगह की कमी और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए नए वेंडिंग जोन बनाने का फैसला शहर की व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
व्यापार मंडल ने विशेष रूप से 11 नए वेंडिंग जोन बनाने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए मुख्य वास्तुकार के पास भेजा गया है। व्यापार मंडल का कहना है कि नगर निगम की टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में पहले ही नए वेंडिंग जोन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई थी। ऐसे में कमेटी के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
बाजारों में बढ़ सकती है परेशानी
व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने गृह सचिव को बताया कि चंडीगढ़ के कई प्रमुख बाजारों में पहले से ही पार्किंग की कमी, ट्रैफिक जाम और लोगों की आवाजाही की समस्या बनी हुई है। यदि इन्हीं स्थानों पर नए वेंडिंग जोन बनाए जाते हैं तो दुकानदारों, ग्राहकों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि शहर की पहचान उसकी बेहतर प्लानिंग और व्यवस्थित बाजार व्यवस्था के कारण है। इसलिए किसी भी नए वेंडिंग जोन का फैसला लेने से पहले उसके प्रभाव का गहन अध्ययन किया जाना जरूरी है।
मौजूदा वेंडिंग स्थलों पर समायोजन का सुझाव
व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने सुझाव दिया कि यदि नए पात्र रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को स्थान देना जरूरी है तो उन्हें नए वेंडिंग जोन बनाने के बजाय पहले से अधिसूचित और उपलब्ध वेंडिंग स्थलों पर समायोजित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे एक तरफ जहां जरूरतमंद विक्रेताओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बाजारों की मौजूदा व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी। व्यापार मंडल ने प्रशासन से अपील की कि ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे व्यापारियों, विक्रेताओं और आम जनता सभी के हित सुरक्षित रहें।
गृह सचिव ने दिया विचार करने का आश्वासन
गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यान से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि नए वेंडिंग जोन को लेकर सभी पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शहर में बेहतर व्यवस्था बनाए रखना है और किसी भी योजना को लागू करने से पहले उसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों पर विचार किया जाएगा।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल का कहना है कि वह रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं के खिलाफ नहीं है, लेकिन शहर की मौजूदा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जानी चाहिए। व्यापारियों का मानना है कि बिना उचित योजना के नए वेंडिंग जोन बनाने से बाजारों में अव्यवस्था बढ़ सकती है।
अब प्रशासन की ओर से इस प्रस्ताव पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर व्यापारियों और शहरवासियों की नजर बनी हुई है।