भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार राज्य में आर्द्रभूमि (वेटलैंड) संरक्षण और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए विशेष जिला आर्द्रभूमि समितियां गठित करने जा रही है।
वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के सूत्रों ने बताया कि शनिवार को लोक सेवा भवन में मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया की अध्यक्षता में 'राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण' (स्टेट वेटलैंड्स अथॉरिटी) की पांचवीं बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
प्राधिकरण ने विशेष जिला आर्द्रभूमि समितियों के गठन पर विचार-विमर्श किया। इन समितियों की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे, जबकि संबंधित प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) इसके सदस्य-संयोजक होंगे।
मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आर्द्रभूमियों से जुड़े प्रस्तावों की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण ने OPGC की 1,320 MW की 'IB थर्मल' विस्तार परियोजना, हीराकुंड (लगभग 3,500 MW) और ऊपरी इंद्रावती (225 MW, चरण-I) में GRIDCO की फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं पर भी विचार किया। इसके अलावा, 10 MW की इनटेक-चैनल फ्लोटिंग सोलर परियोजना (जिसमें 2 MW/8 MWh की बैटरी स्टोरेज भी शामिल है) पर भी चर्चा हुई।