नर्सिंग हॉस्टल में गैस लीक से लगी आग छात्रों में मची अफरातफरी वीडियो
हॉस्टल के बाद कोयला यार्ड में भड़की आग
ब्रह्मपुर/झारसुगुड़ा: ओडिशा में शुक्रवार को आग लगने की दो बड़ी घटनाएं सामने आईं। ब्रह्मपुर स्थित MKCG मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर के नर्सिंग कॉलेज के बॉयज हॉस्टल की रसोई में अचानक आग लग गई। हॉस्टल में मौजूद छात्रों के बीच अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि दमकल कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और किसी छात्र के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। शुरुआती जानकारी में गैस लीक को आग लगने की संभावित वजह बताया गया है। इसी दिन झारसुगुड़ा में NLC India के तालाबीरा 2 और 3 ओपन कास्ट प्रोजेक्ट के कोयला डंपिंग यार्ड में भी भीषण आग लग गई। यार्ड के कई हिस्सों से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। दमकल कर्मियों के साथ भारी मशीनों को भी आग पर नियंत्रण पाने के काम में लगाया गया।
हॉस्टल की ग्राउंड फ्लोर रसोई में लगी आग
जानकारी के मुताबिक MKCG नर्सिंग कॉलेज के बॉयज हॉस्टल की रसोई ग्राउंड फ्लोर पर स्थित है। शुक्रवार को यहां अचानक आग भड़क गई। शुरुआती जांच में रसोई की गैस पाइप से रिसाव के बाद आग लगने की आशंका जताई गई है। हॉस्टल में मौजूद छात्रों को गैस की गंध महसूस होने के बाद इसकी जानकारी दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। सबसे बड़ी चुनौती आग को हॉस्टल की ऊपरी मंजिलों तक फैलने से रोकना था। दमकल कर्मियों ने समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली। इससे बड़ी दुर्घटना टल गई।
बाल-बाल बचे हॉस्टल के छात्र
आग लगने के दौरान हॉस्टल में छात्र मौजूद थे। अचानक आग की सूचना मिलने से परिसर में हड़कंप मच गया। हालांकि किसी छात्र के घायल होने की सूचना नहीं मिली। रसोई में रखा कुछ सामान आग की चपेट में आकर नष्ट हो गया। घटना के बाद हॉस्टल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। एक रिपोर्ट में मौजूदा अग्निशमन ढांचे को लेकर कमियों और कुछ उपकरणों की वैधता समाप्त होने की बात कही गई है। आग के वास्तविक कारण और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है।
गैस लीक की आशंका जांच जारी
शुरुआती जानकारी में गैस लीक को घटना की वजह माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों की जांच पूरी होने तक इसे अंतिम कारण नहीं माना गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गैस का रिसाव कैसे हुआ और रसोई में सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
MKCG मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल दक्षिण ओडिशा के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान के परिसर में आग की घटना ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
झारसुगुड़ा में कोयला यार्ड भी धधका
ब्रह्मपुर की घटना से पहले शुक्रवार को झारसुगुड़ा जिले में भी आग की बड़ी घटना सामने आई। यहां NLC India के तालाबीरा 2 और 3 ओपन कास्ट प्रोजेक्ट के कोयला डंपिंग यार्ड में आग लग गई। घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में कोयला यार्ड के अलग-अलग हिस्सों से घना धुआं उठता दिखाई दिया। कई स्थानों पर आग की लपटें भी नजर आईं। आग की सूचना के बाद दमकल कर्मियों को मौके पर लगाया गया। कोयले के ढेर में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए भारी मशीनों की मदद से प्रभावित हिस्सों से कोयला हटाने और दूसरी जगह स्थानांतरित करने का काम भी किया गया।
आग की वजह और नुकसान का आकलन
झारसुगुड़ा कोयला यार्ड में आग कैसे लगी, इसका कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हुआ है। घटना से हुए वास्तविक आर्थिक नुकसान की जानकारी भी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से आग को नियंत्रित करने और प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने पर प्राथमिकता दी गई। कोयले के बड़े भंडार में आग लगने पर उसे पूरी तरह नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आग के फैलने से धुएं की मात्रा बढ़ने के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी परेशानी पैदा हो सकती है। यही कारण है कि दमकल टीम के साथ भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। ओडिशा में एक ही दिन सामने आई इन दोनों घटनाओं में सबसे बड़ी राहत यह रही कि MKCG नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल की आग में किसी छात्र की जान नहीं गई। समय रहते दमकल विभाग के पहुंचने से आग ऊपरी मंजिलों तक नहीं फैल सकी। वहीं झारसुगुड़ा के कोयला यार्ड में आग को नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया गया। दोनों घटनाओं ने संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था तथा नियमित निरीक्षण की अहमियत को फिर सामने ला दिया है।