सोनभद्र। पिपरी थाना पुलिस ने बुधवार रात वाहन जांच के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार रनटोला-मुर्धवा मार्ग पर मुर्धवा से करीब दो किलोमीटर आगे मोड़ के पास संदिग्ध एसयूवी को रोककर तलाशी ली गई। वाहन से दो क्विंटल 850 ग्राम गांजा बरामद हुआ। मामले में महोबा जनपद के गांधी नगर बजरंग चौक निवासी उमेश अहिरवार और कबरई थाना क्षेत्र के कबरई निवासी महिपाल पाल को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर गांजा तस्करी की कोशिश कर रहे थे। दोनों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। बरामद गांजे और वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने गुरुवार को पुलिस लाइन चुर्क के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिपरी थाना पुलिस रात के समय क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुर्धवा-रनटोला मार्ग पर एक वाहन पुलिस टीम को देखकर संदिग्ध तरीके से मुड़ने लगा।
पुलिस के अनुसार वाहन चालक ने टीम को सामने देखकर पीछे मुड़कर भागने का प्रयास किया। इस पर पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ और टीम ने तत्काल पीछा कर वाहन को रोक लिया। वाहन में मौजूद दोनों व्यक्तियों को नीचे उतारकर पूछताछ की गई।
तलाशी के दौरान एसयूवी में बड़ी मात्रा में गांजा रखा मिला। पुलिस ने पूरे सामान को बाहर निकालकर तौल कराया, जिसमें कुल वजन दो क्विंटल 850 ग्राम पाया गया।
इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उनकी पहचान उमेश अहिरवार और महिपाल पाल के रूप में हुई।
पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। पुलिस को आशंका है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा ले जाने के पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।
आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे रास्ते और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस मार्ग का इस्तेमाल पहले भी मादक पदार्थों की ढुलाई के लिए किया गया था या नहीं।
फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल पुलिस से बचने और वाहन की असली पहचान छिपाने के उद्देश्य से किए जाने की आशंका जताई गई है। इस पहलू की भी अलग से जांच की जा रही है।
पुलिस वाहन के मूल पंजीकरण नंबर, मालिक और उसके इस्तेमाल के इतिहास की जानकारी जुटा रही है। यदि वाहन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पंजीकृत पाया जाता है तो उससे भी पूछताछ की जा सकती है।
मामले में जब्त गांजे को सुरक्षित रखकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस संबंधित दस्तावेज तैयार कर आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत संदिग्ध वाहनों की जांच और सीमावर्ती मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
रात के समय विशेष जांच अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में पिपरी थाना पुलिस को यह सफलता मिली।
मुर्धवा-रनटोला मार्ग पर जिस स्थान से वाहन पकड़ा गया, वहां पुलिस पहले से वाहन चेकिंग कर रही थी। एसयूवी के अचानक पीछे मुड़ने की कोशिश से पुलिस को शक हुआ।
यदि वाहन सामान्य तरीके से निकल जाता तो बड़ी मात्रा में गांजा आगे तक पहुंच सकता था। लेकिन पुलिस टीम की तत्परता से वाहन को रोक लिया गया।
पुलिस यह भी जांच रही है कि गांजा किस पैकिंग में रखा गया था और उसकी ढुलाई किस तरीके से की जा रही थी। बरामद सामग्री की पूरी सूची तैयार की गई है।
मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पुलिस आमतौर पर आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और यात्रा से जुड़ी जानकारी की भी जांच करती है। इस मामले में भी आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
उमेश अहिरवार और महिपाल पाल के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले भी उनके खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी या अन्य किसी अपराध का मामला दर्ज रहा है या नहीं।
पुलिस के मुताबिक दोनों महोबा क्षेत्र से जुड़े हैं। ऐसे में सोनभद्र तक उनकी आवाजाही और रास्ते में उनके संपर्कों की जानकारी भी जांच का हिस्सा है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जब्त गांजा किस क्षेत्र से लोड किया गया था। यदि इसके बारे में कोई ठोस जानकारी सामने आती है तो संबंधित स्थानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच टीम तस्करी के स्रोत और अंतिम ठिकाने की जानकारी जुटाने में लगी है।
आरोपियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस जांच का दायरा बढ़ाएगी।
वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाए जाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नंबर प्लेट कहां तैयार कराई गई थी और वास्तविक नंबर किस वाहन का है।
इस कार्रवाई में पिपरी थाना पुलिस की टीम ने संदिग्ध वाहन को रोककर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो क्विंटल 850 ग्राम गांजा बरामद किया।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कार्रवाई को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि जिले में संदिग्ध वाहनों और मादक पदार्थों की आवाजाही पर निगरानी आगे भी जारी रहेगी।