बिजली का खंभा गिरने से 7 मवेशियों की मौत, तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित
गंजाम। ओडिशा में चक्रवात 'अरनाब' का असर लगातार देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच गंजाम जिले के छत्रपुर नगरपालिका क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गुरुवार सुबह डुबुली छक के पास तेज हवाओं के कारण बिजली का एक धातु का खंभा गिर गया। खंभा गिरने से लो-टेंशन (LT) बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर आ गिरा। इस दौरान वहां चर रहीं छह भेड़ें और एक बकरी बिजली के तार की चपेट में आ गईं। करंट लगने से सभी सात जानवरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है।
तेज हवाओं के बीच गिरा बिजली का खंभा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह गंजाम जिले में चक्रवात के प्रभाव से तेज हवाएं चल रही थीं और लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान छत्रपुर नगरपालिका के अंतर्गत डुबुली छक के पास एक धातु का बिजली खंभा अचानक गिर गया। खंभा गिरने के साथ ही उससे जुड़ा बिजली का तार भी टूटकर जमीन पर आ गया।
बताया जा रहा है कि तार में उस समय बिजली की आपूर्ति जारी थी। आसपास चर रहे जानवर अचानक इसके संपर्क में आ गए। बिजली का झटका इतना तेज था कि छह भेड़ों और एक बकरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में कुल सात पशुओं की जान चली गई।
घटना ने खराब मौसम के दौरान बिजली के क्षतिग्रस्त खंभों और टूटे तारों से पैदा होने वाले खतरों को एक बार फिर सामने ला दिया है।
छह भेड़ों और एक बकरी की मौके पर मौत
इस हादसे में छह भेड़ों और एक बकरी की जान गई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सभी जानवर बिजली के चालू तार के संपर्क में आए थे। बारिश के कारण जमीन गीली होने से ऐसी परिस्थितियों में करंट फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
बताया जा रहा है कि ये पशु डुबुली छक के आसपास चर रहे थे। अचानक बिजली का खंभा गिरने और तार टूटने से उन्हें बचने का मौका नहीं मिल सका।
हालांकि, मृत पशुओं के मालिक की पहचान और उन्हें होने वाले आर्थिक नुकसान का आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है। पशुपालन से जुड़े परिवारों के लिए इस तरह की घटनाएं गंभीर आर्थिक क्षति का कारण बन सकती हैं।
चक्रवात अरनाब से गंजाम जिले में भारी तबाही
ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में चक्रवात अरनाब के कारण लगातार भारी बारिश हो रही है। गंजाम, गजपति और रायगड़ा जैसे जिलों में बारिश तथा तेज हवाओं ने सड़कों, मकानों और बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गंजाम के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। कुछ स्थानों पर सड़कों को नुकसान पहुंचने और आवागमन बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं।
गंजाम जिले के पात्रपुर इलाके में 24 घंटे के दौरान 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इतनी अधिक वर्षा से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान
चक्रवात के प्रभाव से कई इलाकों में बिजली के खंभे गिरने और पेड़ों के उखड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। तेज हवाओं के साथ लगातार हो रही बारिश ने बिजली वितरण व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
डुबुली छक की घटना इसी खतरे का उदाहरण है। बिजली के तार टूटकर जमीन पर गिरने के बाद यदि उनमें करंट जारी रहता है तो आसपास मौजूद मनुष्यों और पशुओं की जान खतरे में पड़ सकती है।
ऐसी परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति बंद करना, क्षतिग्रस्त खंभों की पहचान करना और टूटे तारों को सुरक्षित तरीके से हटाना बेहद आवश्यक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान जमीन पर पड़े बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दिए राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात अरनाब से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की है। 28 अक्टूबर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अग्निशमन सेवाओं को सतर्क रहने तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने को कहा है। इसके साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर लोगों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रभावित इलाकों में प्रशासन अलर्ट
चक्रवात के मद्देनजर गंजाम जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर है। जिले में संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, गंजाम जिले में 6,170 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उनके लिए 177 राहत आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
खराब मौसम में बिजली के तारों से दूर रहने की अपील
बारिश और तेज हवाओं के दौरान बिजली के खंभों तथा तारों के आसपास विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। यदि किसी क्षेत्र में बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे तो उसे छूने या उसके नजदीक जाने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में तत्काल बिजली विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना आवश्यक है।
पशुपालकों को भी खराब मौसम के दौरान अपने जानवरों को बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और खुले तारों के आसपास चराने से बचना चाहिए।
फिलहाल डुबुली छक में सात मवेशियों की मौत की घटना ने बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हादसे के बाद बिजली लाइन की मरम्मत, पशुओं के मालिक को संभावित मुआवजे और घटना की विभागीय जांच के संबंध में आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।