अभिजीत दिपके से उद्धव ठाकरे की बात, मातोश्री का न्योता

Update: 2026-07-31 07:43 GMT

मुंबई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर चर्चा में आए अभिजीत दिपके अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी चर्चा का केंद्र बन गए हैं। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिपके से फोन पर बातचीत कर उनके आंदोलन की सफलता के लिए बधाई दी और उन्हें मुंबई स्थित अपने आवास ‘मातोश्री’ आने का निमंत्रण दिया।

यह बातचीत शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे की पहल पर हुई। जानकारी के अनुसार, खैरे गुरुवार को बजाज नगर स्थित अभिजीत दिपके के घर पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान उन्होंने फोन कॉल के माध्यम से दिपके की बातचीत उद्धव ठाकरे से कराई।

बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने दिपके से उनके आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन के लिए उनकी सराहना की और आंदोलन की सफलता पर शुभकामनाएं दीं।

अभिजीत दिपके हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के कारण सुर्खियों में आए थे। यह प्रदर्शन 36 दिनों तक चला, जिसमें कई मांगों को लेकर आवाज उठाई गई थी। आंदोलन के खत्म होने के बाद दिपके की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।

महाराष्ट्र में दिपके को लेकर राजनीतिक दलों की दिलचस्पी बढ़ती नजर आ रही है। उद्धव ठाकरे की ओर से उन्हें मातोश्री आने का निमंत्रण दिए जाने को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक दिपके की किसी राजनीतिक दल से जुड़ने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

शिवसेना (UBT) नेताओं का कहना है कि सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले लोगों से संवाद करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पार्टी की ओर से दिपके के आंदोलन और उनकी भूमिका को लेकर सकारात्मक रुख सामने आया है।

चंद्रकांत खैरे की दिपके से मुलाकात और उसके बाद उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दिपके और ठाकरे के बीच आगे बातचीत हो सकती है।

दिपके के नेतृत्व वाले आंदोलन को लेकर उनके समर्थकों का दावा रहा है कि यह छात्रों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास था। वहीं, विरोध प्रदर्शन के दौरान उठाए गए मुद्दों और उसके परिणामों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं।

उद्धव ठाकरे की ओर से दिपके को दिए गए निमंत्रण को कई लोग राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में नए चेहरों और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े लोगों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दिपके की बढ़ती सक्रियता पर राजनीतिक दलों की नजर होना स्वाभाविक माना जा रहा है।

फिलहाल अभिजीत दिपके की ओर से मातोश्री जाने या भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, उद्धव ठाकरे से हुई बातचीत के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है।

महाराष्ट्र में यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीतिक दल जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। सामाजिक आंदोलनों से जुड़े चेहरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिशें भी राजनीति में अक्सर देखने को मिलती हैं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि अभिजीत दिपके और उद्धव ठाकरे के बीच आगे कोई मुलाकात होती है या नहीं और इसका महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ता है। 

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