Dharashiv , धाराशिव : शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को धाराशिव में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। यह सभा महाराष्ट्र में उनके कई जिलों में चल रहे जनसंपर्क अभियान का हिस्सा थी, जिसका मकसद पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरना था, खासकर तब जब पार्टी के छह लोकसभा सांसद उन्हें छोड़कर चले गए हैं। ठाकरे ने इस मंच का इस्तेमाल सत्ताधारी सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले करने के लिए किया। राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा, "इन लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है। अब राम मंदिर में लूट हो रही है।"

उन्होंने महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' पर अपनी आलोचना और तेज़ की, राजनीतिक घटनाक्रम पर सवाल उठाए और शिवसेना में फूट के लिए ज़िम्मेदार लोगों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "वे शिवसेना को क्यों तोड़ रहे हैं? वे महाराष्ट्र को खत्म करना चाहते हैं, शिवसेना को खत्म करना चाहते हैं और महाराष्ट्र धर्म को खत्म करना चाहते हैं।" उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि निवेश महाराष्ट्र से बाहर जा रहा है। ठाकरे ने कहा, "पिछले दस सालों में क्या एक भी कंपनी महाराष्ट्र आई है? सब कुछ गुजरात जा रहा है, गुजरात।"

शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की विरासत से तुलना करते हुए उन्होंने कहा, "बालासाहेब की शिवसेना को विधायकों और सांसदों की संख्या से नहीं मापा जा सकता।" इस रैली को शिवसेना (UBT) नेतृत्व की ओर से अपने संगठनात्मक आधार को मज़बूत करने और हाल ही में हुए दलबदल के राजनीतिक असर का मुकाबला करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब सोमवार को शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसद - संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर - औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम से लोकसभा में उद्धव ठाकरे की ताकत घटकर तीन सांसद रह गई है और 2022 में पार्टी में हुई फूट के बाद शिवसेना (UBT) के लिए यह एक और बड़ा झटका है।

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