मुंबई। शिवाजी पार्क में कथित तौर पर अनुमति नहीं मिलने के बावजूद विरोध प्रदर्शन करने के मामले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के चार नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। वकील और स्थानीय निवासी सिद्धि देवलेकर ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका, सौरव दास और पार्टी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया और बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र किया गया।
सिद्धि देवलेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर शिकायत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिकायत में अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका, सौरव दास और रत्ना सिंह के साथ अन्य लोगों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत में प्रदर्शन के आयोजन और भीड़ जुटाने को लेकर आरोप लगाए गए हैं।
देवलेकर के मुताबिक, शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद CJP के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने वहां विरोध प्रदर्शन किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्पष्ट रूप से मनाही के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र किया गया और कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मामले में जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनमें अभिजीत दिपके के अलावा आशुतोष रंका, सौरव दास और रत्ना सिंह शामिल हैं। रत्ना सिंह को पार्टी की लीगल अफेयर्स हेड बताया गया है। शिकायत में इन नेताओं के अलावा अन्य लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
देवलेकर ने अपने X पोस्ट के जरिए कहा कि उन्होंने इस मामले में शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन का रुख किया है। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं मिलने की जानकारी होने के बावजूद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इसी आधार पर उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में लगाए गए आरोपों का मुख्य आधार कथित रूप से बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करना और बड़ी भीड़ एकत्र करना है। हालांकि शिकायत दर्ज कराया जाना अपने आप में आरोपों के साबित होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे पुलिस द्वारा शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शिवाजी पार्क मुंबई में राजनीतिक, सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए चर्चित स्थानों में शामिल है। यहां बड़े आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए प्रशासन तथा पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। किसी कार्यक्रम को लेकर अनुमति की स्थिति और उससे जुड़ी शर्तें भी आयोजन के स्वरूप के अनुसार महत्वपूर्ण होती हैं।
देवलेकर ने दावा किया है कि संबंधित प्रदर्शन को स्पष्ट अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद CJP से जुड़े लोगों ने वहां पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के कारण उन्होंने इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में शिकायत में नामजद किए गए CJP नेताओं की प्रतिक्रिया की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों को सिद्धि देवलेकर के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। पुलिस की ओर से जांच या आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
अभिजीत दिपके हाल में शिवाजी पार्क में आयोजित CJP के विरोध कार्यक्रम को लेकर चर्चा में रहे हैं। पार्टी की ओर से विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया था। अब उसी प्रदर्शन की अनुमति को लेकर शिकायत सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है।
शिकायतकर्ता ने चार प्रमुख नामों का उल्लेख करते हुए अन्य लोगों को भी शिकायत में शामिल किया है। देवलेकर के अनुसार, कार्यक्रम में भीड़ जुटाने और प्रदर्शन आयोजित करने में इन लोगों की भूमिका रही। हालांकि किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और पुलिस शिकायत पर किस तरह की कार्रवाई करेगी, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
किसी भी पुलिस शिकायत के बाद आम तौर पर संबंधित पुलिस स्टेशन उपलब्ध सामग्री और आरोपों को देखता है। इस मामले में भी आगे की प्रक्रिया शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत के आधार पर कोई FIR दर्ज की गई है या नहीं।
देवलेकर की ओर से X पर सार्वजनिक रूप से शिकायत की जानकारी साझा किए जाने के बाद मामला चर्चा में आया है। उन्होंने अपने पोस्ट में CJP नेताओं के नाम बताते हुए कहा कि स्पष्ट मनाही के बावजूद विरोध प्रदर्शन किया गया और बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र की गई।
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शिकायत में आरोप लगाए गए हैं, इसलिए संबंधित लोगों को दोषी मानना उचित नहीं होगा जब तक कि सक्षम प्राधिकारी या अदालत की प्रक्रिया में आरोप साबित न हों। फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ता के दावे पर आधारित है।
शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन को लेकर अब पुलिस के सामने शिकायत पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। पुलिस यह देख सकती है कि कार्यक्रम को लेकर किस तरह की अनुमति मांगी गई थी, प्रशासन की ओर से क्या निर्देश दिए गए थे और आयोजन के दौरान किन परिस्थितियों में लोग एकत्र हुए।
सिद्धि देवलेकर ने फिलहाल अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका, सौरव दास, रत्ना सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत देने की बात कही है। उनका आरोप है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन किया गया और बड़ी संख्या में भीड़ जुटाई गई। अब इस शिकायत पर शिवाजी पार्क पुलिस की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर नजर रहेगी।
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