FDA के एक्शन के बाद बदली व्यवस्था KFC से डोमिनोज तक अलर्ट
KFC और डोमिनोज हुए सतर्क साफ सफाई पर बढ़ाई निगरानी
मुंबई : देश में फूड सेफ्टी को लेकर बढ़ती सख्ती का असर अब बड़े फास्ट फूड ब्रांड्स पर भी दिखाई देने लगा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA की लगातार कार्रवाई और निरीक्षण के बाद KFC से लेकर डोमिनोज जैसे बड़े ब्रांड अपने आउटलेट्स में साफ-सफाई और किचन की निगरानी को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। खाने की गुणवत्ता से लेकर कच्चे माल के भंडारण तक कई स्तरों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि ग्राहकों को सुरक्षित और तय मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
हाल के समय में खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रशासनिक कार्रवाई और फूड सेफ्टी से जुड़ी शिकायतों ने रेस्टोरेंट इंडस्ट्री का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा है। बड़े ब्रांड्स के लिए खाद्य सुरक्षा केवल कानूनी नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी प्रतिष्ठा और ग्राहकों के भरोसे से भी जुड़ी हुई है। यही कारण है कि आउटलेट स्तर पर छोटी सी लापरवाही भी पूरे ब्रांड के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। FDA की कार्रवाई के बाद कई फूड चेन अपने किचन संचालन की आंतरिक समीक्षा पर जोर दे रही हैं। इसमें खाना बनाने वाले स्थान की नियमित सफाई कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की सफाई और खाद्य पदार्थों को सही तापमान पर रखने जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
किचन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता भी खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चिकन सब्जियों चीज सॉस तेल और दूसरे उत्पादों को निर्धारित तापमान और सुरक्षित परिस्थितियों में रखना जरूरी होता है। लंबे समय तक गलत तापमान पर रखे गए खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए स्टोरेज और रेफ्रिजरेशन सिस्टम की निगरानी को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा एक्सपायरी डेट और इस्तेमाल की समय सीमा पर भी नजर रखना जरूरी है। फास्ट फूड आउटलेट्स में रोजाना बड़ी मात्रा में सामग्री इस्तेमाल होती है। ऐसे में स्टॉक के सही प्रबंधन के बिना पुराने और नए उत्पादों के मिश्रित होने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए कंपनियां इन्वेंट्री प्रबंधन और नियमित जांच की व्यवस्था को और सख्त कर सकती हैं।
कर्मचारियों की स्वच्छता पर विशेष जोर
किसी भी रेस्टोरेंट या फास्ट फूड आउटलेट में भोजन की सुरक्षा काफी हद तक वहां काम करने वाले कर्मचारियों की स्वच्छता पर निर्भर करती है। खाना तैयार करने वाले कर्मचारियों के लिए हाथ धोने दस्ताने पहनने साफ यूनिफॉर्म रखने और निर्धारित हाइजीन प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होता है। FDA की सख्ती के बाद बड़े ब्रांड कर्मचारियों की ट्रेनिंग और नियमित निगरानी पर भी ज्यादा जोर दे रहे हैं। आउटलेट मैनेजरों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाती है कि किचन में काम करने वाला प्रत्येक कर्मचारी कंपनी और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा तय मानकों का पालन करे। कर्मचारियों को समय-समय पर फूड हैंडलिंग से जुड़ी ट्रेनिंग देना भी महत्वपूर्ण है। कच्चे और तैयार भोजन को अलग रखने से लेकर इस्तेमाल किए गए बर्तनों और उपकरणों की सफाई तक छोटी-छोटी सावधानियां फूड कंटेमिनेशन के खतरे को काफी कम कर सकती हैं।
किचन ऑडिट की बढ़ सकती है संख्या
बड़े फूड ब्रांड आमतौर पर अपने आउटलेट्स का आंतरिक ऑडिट करते हैं। इसमें किचन की साफ-सफाई स्टोरेज खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया की जांच की जाती है। नियामक कार्रवाई के बाद ऐसे ऑडिट की संख्या और सख्ती बढ़ाना कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। कई ब्रांड फ्रेंचाइजी मॉडल पर भी काम करते हैं। ऐसे में कंपनी के लिए हर आउटलेट पर एक समान गुणवत्ता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। एक फ्रेंचाइजी आउटलेट की लापरवाही भी पूरे ब्रांड की छवि को प्रभावित कर सकती है। इसलिए केंद्रीय स्तर से निगरानी और स्थानीय स्तर पर नियमित निरीक्षण दोनों महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी चुनौती
फूड इंडस्ट्री में किसी भी ब्रांड की सफलता काफी हद तक ग्राहकों के भरोसे पर निर्भर करती है। ग्राहक केवल स्वाद ही नहीं बल्कि यह भी उम्मीद करता है कि उसे मिलने वाला भोजन साफ और सुरक्षित वातावरण में तैयार किया गया हो। सोशल मीडिया के दौर में किचन की गंदगी या खराब खाद्य सामग्री से जुड़ा एक वीडियो भी तेजी से वायरल होकर किसी कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसी वजह से बड़े ब्रांड शिकायतों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने और आउटलेट स्तर पर समस्या को तुरंत ठीक करने की कोशिश करते हैं। ग्राहक शिकायतों की समीक्षा से भी यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी विशेष आउटलेट में लगातार कोई समस्या तो सामने नहीं आ रही।
फूड सेफ्टी नियमों का पालन जरूरी
भारत में खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना होता है। इसमें साफ पानी का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण किचन की स्वच्छता कीट नियंत्रण कर्मचारियों की साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता जैसे कई पहलू शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां मिलने पर संबंधित विभाग नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकता है। इसलिए बड़े ब्रांड्स के साथ छोटे रेस्टोरेंट और स्थानीय फूड आउटलेट्स के लिए भी फूड सेफ्टी मानकों का पालन करना जरूरी है।
साफ-सफाई अब ब्रांड की छवि का हिस्सा
बदलते समय में रेस्टोरेंट की साफ-सफाई केवल किचन तक सीमित विषय नहीं रही है। ग्राहक अब आउटलेट की स्वच्छता कर्मचारियों के व्यवहार पैकेजिंग और खाने की गुणवत्ता सभी चीजों पर ध्यान देते हैं। ऑनलाइन रिव्यू और सोशल मीडिया ने भी कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाई है।
FDA की कार्रवाई के बाद फास्ट फूड इंडस्ट्री में बढ़ी सतर्कता यह संकेत देती है कि कंपनियां फूड सेफ्टी से जुड़े जोखिम को गंभीरता से ले रही हैं। KFC और डोमिनोज जैसे बड़े नामों के लिए देशभर के आउटलेट्स में एक समान मानक बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और कंपनियों के आंतरिक ऑडिट दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। नियमित निगरानी साफ-सफाई कर्मचारियों की ट्रेनिंग और गुणवत्ता नियंत्रण के जरिए ही फूड ब्रांड ग्राहकों का भरोसा बनाए रख सकते हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि सुरक्षा मानकों का पालन केवल निरीक्षण के समय नहीं बल्कि रोजाना के संचालन का स्थायी हिस्सा बने।