बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले के परली वैजनाथ शहर में बुधवार को आवारा कुत्तों के हमलों से हड़कंप मच गया। शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों ने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में लोगों को काट लिया। एक दिन में कम से कम 47 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद शहरवासियों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों ने नगर परिषद की ओर से आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।

सुबह से शुरू हुआ कुत्तों का हमला

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह वैजनाथ मंदिर रोड, भोई गली और 40-फीट रोड इलाके में आवारा कुत्तों के हमले शुरू हुए।

इसके बाद यह सिलसिला शहर के कई अन्य क्षेत्रों तक फैल गया। बरकत नगर, साठे नगर, अंबेवेस, जम-जम पार्क और आजाद नगर जैसे इलाकों में भी लोगों पर कुत्तों के हमले की शिकायतें सामने आईं।

अचानक हुए इन हमलों से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।

बच्चों और बुजुर्गों को भी बनाया निशाना

स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावर कुत्तों ने किसी उम्र का ध्यान नहीं रखा। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत कई लोगों को काटने की बात सामने आई है।

घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ लोगों ने बताया कि हमले अचानक हुए और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सरकारी अस्पताल परिसर में भी पहुंचा कुत्ता

गणेशपार इलाके में एक आवारा कुत्ता स्थानीय सरकारी अस्पताल परिसर में भी घुस गया।

बताया जा रहा है कि वहां उसने एक कर्मचारी, एक स्कूली बच्चे और एक अन्य व्यक्ति को काट लिया।

अस्पताल परिसर में कुत्ते के पहुंचने की घटना के बाद लोगों में और ज्यादा चिंता बढ़ गई।

दो आक्रामक कुत्तों पर शक

पीड़ित लोगों ने बताया कि मुख्य रूप से दो आक्रामक कुत्तों ने कई लोगों पर हमला किया। इनमें एक सुनहरे रंग का और दूसरा काले रंग का कुत्ता शामिल बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये कुत्ते अक्सर मंदिर क्षेत्र के आसपास घूमते रहते थे।

रेबीज की आशंका से बढ़ी चिंता

हमलों के बाद लोगों में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई कि कहीं कुत्ते रेबीज से संक्रमित तो नहीं थे।

रेबीज एक गंभीर बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने से फैल सकती है। ऐसे मामलों में समय पर उपचार बेहद जरूरी माना जाता है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

नगर परिषद पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने मांग की है कि शहर में आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों की ओर से स्थिति की जानकारी ली जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।

आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी जांच को लेकर भी कदम उठाए जाने की संभावना है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

विशेषज्ञों के अनुसार, आवारा जानवरों के काटने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए और वैक्सीन की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।

शहर में सुरक्षा को लेकर चिंता

परली वैजनाथ में एक साथ इतने लोगों के घायल होने की घटना ने आवारा कुत्तों की समस्या को फिर से चर्चा में ला दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगर परिषद और प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

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