Maharashtra महाराष्ट्र: शिवसेना (यूबीटी) की नेता शाइना एनसी ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताते हुए कहा कि बांग्लादेश सरकार को तुरंत कदम उठाकर उनके अधिकार और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने अपील की कि वहां अल्पसंख्यक समुदायों का भरोसा बहाल किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आईएएनएस से बातचीत में शाइना ने कहा, “हाल ही में बांग्लादेश में
अल्पसंख्यकों
की हत्याएं और उन्हें निशाना बनाना निंदनीय है। अगर कानून-व्यवस्था बिगड़ती है तो कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता। हम बांग्लादेश सरकार से अपील करते हैं कि वह दोषियों को सजा दे और अल्पसंख्यक समुदाय का भरोसा बहाल करे।”
दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर शाइना ने कहा कि यह निर्णय सही और न्यायसंगत है। उन्होंने कहा, “जो लोग भारत को गुमराह करने और अस्थिर करने की कोशिश करते हैं, उनके साथ कोई समझौता नहीं हो सकता। जब राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले शामिल हों और सबूत मौजूद हों, तो न्यायपालिका सख्ती से कार्रवाई करती है।”
शाइना ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है और कांग्रेस द्वारा ऐसा आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हिंसा, साजिश और देश विरोधी गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति में विश्वास रखती है।
साथ ही, शाइना ने कांग्रेस नेता हुसैन दलवई द्वारा संघ प्रमुख मोहन भागवत पर आलोचना को भी निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है और कांग्रेस नेता को अपनी मानसिक स्थिति पर विचार करना चाहिए।
शाइना ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के सीएम फडणवीस के खिलाफ बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कथनी और करनी में बहुत फर्क है। महाराष्ट्र की सरकार विकास के मुद्दों पर काम कर रही है और महायुति महाराष्ट्र के लोगों के हित में कार्य कर रही है। शाइना एनसी के इन बयानों में राष्ट्रीय सुरक्षा, अल्पसंख्यक अधिकार और राज्य सरकारों की स्थिरता पर जोर दिखा, जो पार्टी की सख्त रुख को भी उजागर करता है।
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