पुणे। गणेशोत्सव के दौरान पुणे के प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर में इस बार विशेष नैवेद्य आकर्षण का केंद्र बना। भगवान गणेश को 251 किलो का मोदक थीम वाला केक और विशाल मोतीचूर का लड्डू अर्पित किया गया। इस अनोखे प्रसाद को देखने के लिए श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।

जानकारी के अनुसार, गणपति बप्पा को चढ़ाए गए 251 किलो के रसमलाई फ्लेवर वाले मोदक केक को WS बेकर्स ने विशेष रूप से तैयार किया था। वहीं, विशाल आकार का मोतीचूर का लड्डू प्रभात फरसान और दीपक कैटरर्स की ओर से तैयार कर भगवान गणेश को अर्पित किया गया।

दोनों विशेष नैवेद्य को ट्रॉली के माध्यम से उत्सव मंडप तक लाया गया। इस दौरान श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल के ट्रस्टी, पदाधिकारी और स्वयंसेवक मौजूद रहे।

गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश को विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित करने की परंपरा रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार विशेष आकार और स्वाद वाले प्रसाद तैयार किए गए, जो श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गए।

251 किलो के मोदक केक को गणपति उत्सव की भावना को ध्यान में रखते हुए मोदक का आकार दिया गया। इसे तैयार करने में विशेष सामग्री और डिजाइन का इस्तेमाल किया गया। रसमलाई फ्लेवर होने के कारण यह मिठाई के साथ-साथ आकर्षक प्रस्तुति का भी केंद्र बनी।

वहीं, विशाल मोतीचूर का लड्डू भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख कारण रहा। भारतीय परंपरा में मोतीचूर के लड्डू को शुभ अवसरों और धार्मिक आयोजनों से जोड़ा जाता है। गणपति उत्सव में इसे विशेष रूप से भगवान गणेश को अर्पित किया गया।

श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति पुणे के सबसे प्रसिद्ध गणपति मंडलों में से एक है। हर साल गणेशोत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उत्सव के दौरान होने वाले विशेष आयोजन और सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।

ट्रस्ट की ओर से गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। इस बार विशेष नैवेद्य अर्पण कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

आयोजकों के अनुसार, भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करने के लिए यह विशेष प्रसाद तैयार किया गया। इसका उद्देश्य उत्सव में श्रद्धालुओं के बीच खुशी और आध्यात्मिक माहौल को बढ़ाना था।

गणेशोत्सव महाराष्ट्र का प्रमुख धार्मिक पर्व है, जिसमें भगवान गणेश की स्थापना से लेकर विसर्जन तक कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पुणे में इस उत्सव की विशेष पहचान है और दगडूशेठ गणपति मंडल हर साल अपनी भव्य परंपराओं के लिए जाना जाता है।

251 किलो के मोदक केक और विशाल मोतीचूर लड्डू के नैवेद्य अर्पण के दौरान भक्तों में खास उत्साह देखा गया। कई श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को गणपति उत्सव की भव्यता और आस्था का प्रतीक बताया।

इस आयोजन ने एक बार फिर दिखाया कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और सामूहिक उत्साह का भी प्रतीक है। पुणे के दगडूशेठ गणपति मंडल में इस विशेष नैवेद्य ने उत्सव की रौनक और बढ़ा दी।

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